मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चल रहे डॉ भीमराव अंबेडकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. एक तरफ जहां अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने और चित्र जलाने के मामले में सवर्ण समाज और रक्षक मोर्चा के नेता, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा पिछले तीन दिनों से जेल में बंद हैं, वहीं अब इस मामले के फरियादी दलित नेता मकरंद मौर्य को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले एडवोकेट अनिल मिश्रा आईजी कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे थे. आरोप है कि इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन किया, अंबेडकर के खिलाफ नारे लगाए और उनका चित्र जलाया. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें रासुका के तहत जेल भेजने की मांग की.
दलित नेता मकरंद मौर्य के आवेदन पर पुलिस ने अनिल मिश्रा सहित सात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने मुरैना जाते समय अनिल मिश्रा सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. अगले दिन सभी आरोपियों को जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने जमानत देने से इनकार करते हुए सभी को जेल भेज दिया. बाद में मेडिकल कारणों के चलते अनिल मिश्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य तीन आरोपी जेल में हैं.
इधर, अनिल मिश्रा की ओर से हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर कर केस को गलत बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए. शनिवार और रविवार अवकाश के बावजूद ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ में सुनवाई हुई, लेकिन आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली.
सुनवाई के दौरान मिश्रा के वकील ने तर्क दिया कि इस मामले के फरियादी मकरंद मौर्य के खिलाफ पहले से केस दर्ज है और कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया. वहीं, दलित समाज के वकील ने दलील दी कि फरियादी को सुने बिना कोर्ट कोई निर्णय नहीं कर सकता.
हाईकोर्ट ने फरियादी मकरंद मौर्य सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सोमवार को सुनवाई की तारीख तय की. नोटिस जारी होने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी वारंट की तामील करते हुए भीम आर्मी नेता और मुख्य फरियादी मकरंद मौर्य को गिरफ्तार कर लिया. अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं.
मेले से गांधी-अंबेडकर प्रदर्शनी हटाने पर कांग्रेस का प्रदर्शन
इधर, ग्वालियर व्यापार मेले में गांधी और अंबेडकर सहित महापुरुषों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रदर्शनी हटाने और तोड़फोड़ की घटना के बाद शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस ने इसे संविधान और महापुरुषों का अपमान बताते हुए जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम BJP सरकार के इशारे पर हुआ है. कांग्रेस का कहना है कि जब से BJP सत्ता में आई है, संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं. कांग्रेस ने इस मामले में NSA ही नहीं, बल्कि देशद्रोह की धाराओं में भी केस दर्ज करने की मांग की है.