Farmer Suicide: कलेक्ट्रेट में किसान ने खाया जहर; क्यों सबके सामने उठाया आत्मघाती कदम?

Farmer Suicide: अर्जुन सिंह ढीमर ने 28 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक को दिए एक आवेदन में अपनी पूरी परेशानी बताई थी. उन्होंने उल्लेख किया था कि वह वृद्ध हैं और दमा रोग से पीड़ित हैं, उनका एक पुत्र भी विकलांग है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Farmer Suicide: कलेक्ट्रेट में किसान ने खाया जहर; क्यों सबके सामने उठाया आत्मघाती कदम?

Farmer Suicide: गुना (Guna) जिले के म्याना थाना क्षेत्र से मंगलवार को जनसुनवाई (Jansunwai) में पहुंचे एक किसान ने न्याय न मिलने से हताश होकर कलेक्टोरेट परिसर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. तत्काल ड्यूटी पर मौजूद जवानों ने किसान को पकड़कर पानी पिलाया और उल्टी कराने की कोशिश की. इसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है. ग्राम सागोरिया निवासी अर्जुन सिंह ढीमर (उम्र लगभग 40) पिछले चार वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन के मामले में न्याय की गुहार लगा रहे थे.

क्या है मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्जुन ढीमर लंबे समय से अपने आवेदन लेकर कलेक्टोरेट के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं होने से वे मानसिक रूप से परेशान थे. अर्जुन सिंह ढीमर ने 28 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक को दिए एक आवेदन में अपनी पूरी परेशानी बताई थी. उन्होंने उल्लेख किया था कि वह वृद्ध हैं और दमा रोग से पीड़ित हैं, उनका एक पुत्र भी विकलांग है. उनकी स्वामित्व और आधिपत्य की कृषि भूमि (सर्वे क्र. 315/17/2, रकबा-0.836 हेक्टर) पर गांव के दबंग भू-माफिया लालाराम, हरिचरण और हरिओम धाकड़ ने बलपूर्वक कब्जा कर लिया है और उन्हें खेती करने से रोक रहे हैं.

अर्जुन ढीमर ने बताया था कि उन्होंने न्यायालय तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड गुना के न्यायालय में स्वत्व घोषणा एवं स्थाई स्टे के लिए याचिका पत्र प्रस्तुत किया है, जिस पर न्यायालय ने दिनांक 19-09-2025 को स्थगन आदेश भी पारित किया था, लेकिन दबंग भू-माफिया न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रहे थे.

किसान ने आरोप लगाया था कि जब भी वह अपनी भूमि पर जाते थे, तो अनावेदकगण उन्हें गंदी गालियां देते थे और लाठी-डंडे लेकर जान से मारने के लिए आते थे.

दबंगों ने उन्हें धमकी दी थी कि "अगर तूने इस भूमि पर पैर रखा तो तेरे दोनों पैर काट देंगे और तुझे जान से खत्म कर इसी भूमि पर गाढ़ देंगे."

अर्जुन ढीमर ने 04-10-2025 को म्याना थाने में भी लिखित आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. अर्जुन सिंह का आरोप था कि दबंग अपनी राजनीतिक पहुंच और पैसे का रुतबा दिखाकर कहते थे कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता. दर-दर भटकने और कहीं सुनवाई न होने से आहत होकर ही उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया. घटना के बाद प्रशासन और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया है.

Advertisement

कलेक्टर ने क्या कहा?

इस मामले में अपर कलेक्टर अखिलेश जैन ने बताया कि एक व्यक्ति आया था, मामला ग्रामीण क्षेत्र का आवेदन ग्रामीण तहसीलदार को भिजवा दिया है. वहीं बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया था, हम अंदर थे, पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है.

यह भी पढ़ें : Mohan Cabinet: खजुराहो से मोहन कैबिनेट की सौगात; मेडिकल कॉलेज से सिंचाई परियोजना तक जानिए क्या कुछ मिला?

Advertisement

यह भी पढ़ें : MP Politics: अन्नदाता बर्बादी की कगार पर क्यों? कांग्रेस ने राज्य व केंद्र सरकार की किसान नीतियों पर बोला हमला

यह भी पढ़ें : Indore News: अब पाकिस्तानी बहू ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा; पति की दूसरी शादी रोकने के लिए जंग जारी

Advertisement

यह भी पढ़ें : Ladli Behna Yojana: छतरपुर से लाडली बहनों के खातों में CM ने भेजे 1500 रुपये; ऐसे चेक करें 31वीं किस्त

Topics mentioned in this article