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कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए नेवी जवान फैज हुसैन, राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई; नम हुईं आंखें

भारतीय नौसेना के जवान फैज हुसैन का कैंसर से उपचार के दौरान बेंगलुरु में निधन हो गया. गुरुवार को उनके गृहग्राम अमहा (हनुमना) में पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया. पार्थिव शरीर पहुंचते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए नेवी जवान फैज हुसैन, राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई; नम हुईं आंखें

देश की सेवा करते हुए सालों तक भारतीय नौसेना का हिस्सा रहे फैज हुसैन आखिरकार जिंदगी की सबसे बड़ी जंग हार गए. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे नौसेना के जवान का बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया. गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम अमहा पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े. वीर जवान को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी.

दांत दर्द के बाद सामने आई गंभीर बीमारी

परिजनों के अनुसार, फैज हुसैन को कुछ समय पहले दांतों में तेज दर्द की शिकायत हुई थी. इसके बाद उन्हें उपचार के लिए बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया. जांच के दौरान चिकित्सकों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला. काफी समय तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. उपचार के दौरान उनका निधन हो गया.

पुणे से पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे अधिकारी

भारतीय नौसेना के सब लेफ्टिनेंट पी.जी. सुरेश पुणे से फैज हुसैन का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृहग्राम अमहा पहुंचे. जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया. परिजन, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्रवासी अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे. चारों तरफ मातम और गमगीन माहौल दिखाई दे रहा था.

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

जबलपुर सैन्य छावनी से पहुंचे जवानों ने सैन्य परंपरा के अनुसार फैज हुसैन को अंतिम सलामी दी. नायब सूबेदार राजेश कुमार के मार्गदर्शन में 1-7 की गार्ड, ड्रिल प्रशिक्षक और बिगुलर की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान उपस्थित लोगों ने वीर जवान के सम्मान में श्रद्धासुमन अर्पित किए.

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

फैज हुसैन की अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, समाजसेवियों, व्यापारियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया. नगर परिषद अध्यक्ष सोनू आशुतोष गुप्ता, मंडल अध्यक्ष सुनील शुक्ला, एसडीएम राजेश मेहता, तहसीलदार शिवम गौतम, नायब तहसीलदार बुद्धसेन मांझी सहित कई अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. मऊगंज और रीवा जिले के पूर्व सैनिक भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

देशभक्ति के नारों के बीच वीर सपूत को विदाई

अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में देशभक्ति के नारे गूंजते रहे. लोगों ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से विदाई दी. उपस्थित लोगों ने कहा कि फैज हुसैन ने वर्ष 2005 से भारतीय नौसेना में रहकर देश की निष्ठापूर्वक सेवा की और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.

कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक

फैज हुसैन का अंतिम संस्कार हनुमना नगर के अमहा वासुदेव स्थित कब्रिस्तान में किया गया. शहर इमाम हाफिज रमजान अली कादरी ने जनाजे की नमाज अदा करवाई, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम संस्कार के दौरान हर धर्म और समाज के लोगों की आंखें नम थीं. परिजनों का दुख देखकर उपस्थित लोग भी भावुक हो गए. 

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