Bulldozer Action: बुलडोजर की कार्रवाई से उजड़ गया परिवार, दुकानदार की हार्टअटैक से मौत, परिजनों ने कहा-प्रशासन जिम्मेदार

Bulldozer Action: मृतक के परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अचानक पहुंचकर दुकान खाली करने का दबाव बनाया गया, जिससे मानसिक तनाव बढ़ा. परिवार का दावा है कि इसी दबाव के चलते मंटू अग्रवाल को दिल का दौरा पड़ा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है.

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Bulldozer Action in Jabalpur: जबलपुर के बरगी पटेल तिराहा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब अभियान के दौरान एक कपड़ा व्यापारी की मौत हो गई. गुरुवार शाम राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों को हटाने पहुंची थी. प्रशासन का कहना था कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन घटनाक्रम ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब टीम मौके पर पहुंची तो कई दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया और सामान हटाने के लिए कुछ समय की मांग की. आरोप है कि प्रशासनिक अमले ने पर्याप्त मोहलत दिए बिना जेसीबी मशीनों से तोड़फोड़ शुरू कर दी. कुछ व्यापारियों का कहना है कि उन्हें दुकान से सामान निकालने का भी पूरा अवसर नहीं मिला. इसी दौरान कपड़ा व्यापारी मंटू अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वे गिर पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

'मानसिक दबाव बना कारण'

मृतक के परिजनों और स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अचानक पहुंचकर दुकान खाली करने का दबाव बनाया गया, जिससे मानसिक तनाव बढ़ा. परिवार का दावा है कि इसी दबाव के चलते मंटू अग्रवाल को दिल का दौरा पड़ा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है.

 लोगों ने किया थाने का घेराव 

घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग बरगी थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन देर रात तक थाने में धरना जारी रहा. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि मृतक एक राजनीतिक दल से जुड़े कार्यकर्ता भी थे, जिसके चलते मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. विभिन्न संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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 प्रशासन का पक्ष और आगे की जांच

प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही थी और किसी को जानबूझकर प्रताड़ित करने का उद्देश्य नहीं था. हालांकि, व्यापारी की मौत के बाद कार्रवाई रोक दी गई और मशीनें हटा ली गईं. पुलिस और प्रशासन दोनों ने मामले की विस्तृत जांच का भरोसा दिलाया है.

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शुक्रवार को मृतक का अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस घटना ने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाहियों के दौरान मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक समन्वय पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं.

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