गुना शहर के एबी रोड पर स्थित श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बिल्डिंग से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से 30 वर्षीय कर्मचारी सचिन सेन की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद युवक का नीचे गिरते हुए एक लाइव वीडियो भी सामने आया है. इस हादसे से गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शुक्रवार देर शाम शहर के प्रमुख हनुमान चौराहे पर आरोपी मैनेजर व अन्य अधिकारियों पर हत्या और प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया. करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
मौके पर पहुंचीं एसडीएम शिवानी पांडे और एसडीओपी विवेक अष्ठाना सहित भारी पुलिस बल ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का ठोस आश्वासन देकर बमुश्किल जाम खुलवाया. वहीं, देर रात कैंट थाने में 2 लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाना सहित अन्य धाराओं मे मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम रवाना कर दी है.
कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप
मृतक सचिन सेन निवासी लूसन का बगीचा, गुना के परिजनों ने श्रीराम फाइनेंस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं परिजनों का कहना है कि सचिन या तो आरोपियों के टॉर्चर और चंगुल से भागने की कोशिश में बिल्डिंग से नीचे कूदा है या फिर आरोपियों ने राज छुपाने के लिए उसे ऊपर से धक्का देकर गिरा दिया है. मृतक अपने पीछे एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे और पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है.
लाइव वीडियो वायरल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक लाइव वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि युवक श्रीराम फाइनेंस कंपनी की बहुमंजिला बिल्डिंग से सीधे नीचे सड़क पर आकर गिरता है. वीडियो के सामने आने के बाद से शहर के आम नागरिकों में फाइनेंस कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है.
परिजनों ने किया चक्काजाम
लोग इस वीडियो के आधार पर पुलिस से निष्पक्ष और बारीकी से जांच करने की मांग कर रहे हैं. घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने शुक्रवार देर शाम सचिन के शव को लेकर हनुमान चौराहे पर चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी मैनेजर और प्रताड़ित करने वाले अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए.
एसडीएम और एसडीओपी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे
चक्काजाम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और दोनों तरफ वाहनों के पहिए थम गए. स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम शिवानी पांडे और एसडीओपी विवेक अष्ठाना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की बात सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले की बारीकी से जांच हो रही है, लाइव वीडियो और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. समझाने और आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ.
मृतक के भाई मनीष सेन ने बताया कि सचिन पिछले दो वर्षों से इस कंपनी में पूरी ईमानदारी से काम कर रहा था. तीन दिन पहले उसने घर पर बताया था कि उसके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्वालियर में एक बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग है और वह मीटिंग खत्म करके ही घर लौटेगा. इसके बाद से वह घर नहीं आया था, लेकिन फोन पर लगातार परिवार के संपर्क में था. वह हर बार फोन पर यही कहता था कि वह अपने सर (अधिकारियों) के साथ है और काम में व्यस्त है. परिजनों का आरोप है कि ग्वालियर से आए एक वरिष्ठ अधिकारी और कंपनी के स्थानीय कर्मचारी हालिम सहित करीब 8 से 10 लोग सचिन को ऑफिस के भीतर बंधक बनाकर रखे हुए थे और उसे घर नहीं जाने दे रहे थे.
पैसों की कर रहे थे मांग
भाई मनीष सेन ने रोते हुए बताया कि आरोपी अधिकारी और कर्मचारी सचिन पर पैसों के किसी मामले को लेकर अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहे थे. प्रताड़ना की हद पार करते हुए आरोपियों ने सचिन से बेहद अमानवीय शब्द कहे थे. मनीष के अनुसार, आरोपियों ने सचिन को धमकाते हुए कहा था कि चाहे अपनी मम्मी को बेचो या अपनी पत्नी को बेचो, लेकिन हमें कहीं से भी पैसे लाकर दो.
घटना के कुछ समय पहले ही सचिन की अपने भाई से फोन पर बात हुई थी, तब उसने घबराहट और हड़बड़ाहट में कहा था कि वह अभी साहब लोगों के साथ बैठा है और बाद में बात करेगा. इसके तुरंत बाद यह आत्मघाती कदम उठाने या धक्का दिए जाने की घटना सामने आ गई.
पुलिस कर रही मामले की जांच
सीएसपी गुना आनंद राय ने बाया कि सचिन सेन नाम का युवक बिल्डिंग से गिरने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल आया था, जहां उसकी मौत हो गई. पुलिस की विशेष टीम इस पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है. परिजनों द्वारा कंपनी के अधिकारियों पर लगाए गए बंधक बनाने और प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है. वहीं, परिजनों ने पीएम के बाद हनुमान चौराहे पर शव रखकर चक्का जाम किया, उनको आश्वासन दिया गया है. वहीं, पुलिस की टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए लगी है, जल्दी उनको पकड़ लिया जाएगा और घटनास्थल के साक्ष्य, वायरल लाइव वीडियो और तकनीकी डेटा की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कहा- एफआईआर दर्ज की जा रही है
एसडीएम शिवानी पांडेय ने बताया कि फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति के घरवालों का यह आरोप है कि उसे तीन दिन से बंधक बनाकर रखा गया था, उसकी उसी बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई. मुकदमा दर्ज करने को लेकर घरवालों ने चौराहे पर जाम लगाया था. आश्वासन दिया गया है और एफआईआर दर्ज हो रही है.