Bulldozer Justice: मध्य प्रदेश में नहीं रुक रहा बुलडोजर जस्टिस, फिर एक रेप के आरोपी के घर को किया गया ध्वस्त

Bulldozer Justice: मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार को दिग्ठान चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बांग्ला बिलोद गांव में एक बार फिर बलात्कार के आरोपी के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. जिस का घर ध्वस्त किया गया, उस पर नाबालिग आदिवासी किशोरी से दुष्कर्म का आरोप है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Bulldozer Justice News: मध्य प्रदेश (MP News) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश का कोई असर होता हुआ नहीं दिख रहा है. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) जिले में मंगलवार को दिग्ठान चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बांग्ला बिलोद गांव में एक बार फिर बलात्कार के आरोपी के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. जिस का घर ध्वस्त किया गया, उस पर नाबालिग आदिवासी किशोरी से दुष्कर्म का आरोप है. घर गिराने के बाद प्रशासन की ओर से कहा गया कि आरोपी के अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया है.

 यह सब ऐसे वक्त में किया गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने "बुलडोजर न्याय" की निंदा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे. कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर सजा देने के लिए उसका घर नहीं तोड़ा जा सकता है और यह असंवैधानिक है.

हिंदूवादी संगठनों का था दबाव

दरअसल, बांग्ला बिलोद निवासी अमजद नामक युवक पर एक नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है. यह घटना उस समय चर्चा में आई, जब पीड़िता ने मृत शिशु को जन्म दिया. इस जघन्य अपराध के बाद से हिंदूवादी संगठनों ने भारी आक्रोश दिखाते हुए लगातार आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. हिंदू समाज के प्रतिनिधि निर्भय सिंह पटेल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिन पहले दिग्ठान चौकी में समुदाय जनों की मौजूदगी में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन दिया गया था. ज्ञापन में आरोपी के घर को गिराने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी. समाज का कहना था कि प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाए. लंबे दबाव के बाद मंगलवार को प्रशासन ने पहल करते हुए बुलडोजर की कार्रवाई को अंजाम दिया.

Advertisement

 यह भी पढ़ें- MP CEO PC: बिहार के बाद अब एमपी में भी होगा SIR, चुनाव आयुक्त ने बता दिया पूरा ब्लूप्रिंट

इस दौरान दुष्कर्म के आरोपी के मकान के कथित अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया. इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सागौर थाना और दिग्ठान चौकी का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के तहत की गई है, ताकि भविष्य में कोई असामाजिक तत्व ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचें. गांव के लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इस कदम से पीड़िता को न्याय मिलने की दिशा में एक मजबूत संदेश जाएगा. 

 यह भी पढ़ें- SIR पर फूटा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का गुस्सा, बोले- ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन