Dalit Politics: जबलपुर के मानस भवन में महासम्मेलन के दौरान बवाल, पेरियार की सच्ची रामायण पुस्तक बिकने से बिगड़े हालात

युवकों ने पुस्तक स्टॉल पर रखी कुछ किताबों को भी फाड़ दिया. इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन युवकों की जमकर पिटाई कर दी. हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ युवकों को अंदर और बाहर दोनों जगह खदेड़ते दिखाई दे रही है.

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Political Clash news: जबलपुर में कुशवाहा जन जागृति, विकास समिति और सम्राट अशोक क्रांति सेना की ओर से रविवार को मानस भवन में आयोजित सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक जन चेतना महासम्मेलन में अचानक हंगामा मच गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, वहीं कई पुस्तक स्टॉल भी बाहर लगाए गए थे. इन इंस्टालों में पेरियार की सच्ची रामायण और मनु बनाम लादेन जैसी पुस्तकों के साथ संविधान की प्रति भी बिक रही थी.

तभी दो–तीन युवक अचानक कार्यक्रम स्थल में घुसे और मंच के नजदीक पहुंचकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दी. आरोप है कि युवकों ने पुस्तक स्टॉल पर रखी कुछ किताबों को भी फाड़ दिया. इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन युवकों की जमकर पिटाई कर दी. हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ युवकों को अंदर और बाहर दोनों जगह खदेड़ते दिखाई दे रही है.

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जबलपुर के मानस भवन में महासम्मेलन के दौरान बवाल, पेरियार की सच्ची रामायण पुस्तक बिकने से हुआ बवाल
Photo Credit: Sanjeev Chaudhary

पुलिस मौजूदगी में हंगामा

कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में युवकों का सीधे मंच तक पहुंच जाना दर्शाता है कि यह पूर्व-नियोजित था. उन्होंने आरोप लगाया कि जब हंगामा हुआ, तब पुलिस कार्रवाई करने के बजाय यह जांचने में लगी थी कि पुस्तक स्टॉल लगाने की अनुमति थी या नहीं. किताबें फटने की बात जैसे ही लोगों को पता चली, तो भीड़ उग्र हो गई और दो युवकों की पिटाई कर दी.

VHP ने जताया विरोध

हंगामे के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और विरोध दर्ज कराया. प्रांत सचिव सुमित ठाकुर ने दावा किया कि जिन युवकों के साथ मारपीट हुई है वे VHP के कार्यकर्ता हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मेलन में हिंदू देवताओं का अपमान करने वाली किताबें बेची जा रही थीं और हिंदू विरोधी गतिविधियां हो रही थीं, जिसका वे विरोध कर रहे थे.

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राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

वहीं, इस पूरे मामले पर कांग्रेस के लखन घनघोरिया ने कहा कि विरोध करने वाले संघी विचारधारा से जुड़े लोग थे और पुलिस उन पर कार्रवाई करने के बजाय स्टॉल लगाने वालों को निशाना बना रही है. लखन घनघोरिया ने कहा कि क्या भारत में संविधान की किताब बेचना भी अब प्रतिबंधित हो गया है? वहीं, VHP का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने वालों पर FIR दर्ज की जानी चाहिए. हालांकि, घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. फिलहाल, पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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