Chhattisgarh Hindi News: छत्तीसगढ़ की साय सरकार (CM Sai Goverment) ने गुरुवार को अपना आदेश वापस ले लिया है. पहले जारी किए गए आदेश में कहा गया था कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी राजनीतिक (Political Activities) पद लेगा और न ही गतिविधि में शामिल होगा. राज्य में आदेश का विरोध होने लगा था और कांग्रेस ने भी सवाल उठाए थे. आदेश पत्र जारी करने के 24 घंटे बाद ही अब छत्तीसगढ़ सरकार ने यूटर्न ले लिया है.
पत्र में कहा गया था अगर कोई भी सरकारी सेवक राजनीतिक गतिविधि में शामिल होता है तो उसके खिलाफ सिविल आचरण नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस ने सरकार के परिपत्र पर कहा देश के सभी राज्यों में ये नियम पहले से लागू है, अब फिर परिपत्र जारी किया गया है तो ये साफ किया जाना चाहिए कि आरएसएस के कार्यक्रमों में अधिकारी कर्मचारियों शामिल होने को सिविल आचरण नियम का उल्लंघन माना जाएगा कि नहीं.

सरकार ने क्या दिया था आदेश
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के प्रावधानों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य है कि वह अपने पद का दायित्व पूर्व ईमानदारी के साथ करें. नियमों के तहत यह स्पष्ट है कि कोई भी कर्मचारी किसी भी तरह के राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं होगा. इसके अलावा न ही वह कोई ऐसी कोई गतिविधि में शामिल होगा, जिससे कि उसके सरकारी काम की निष्पक्षता प्रभावित होगा.
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