Cheating in Exams: जीवाजी विश्वविद्यालय (Jiwaji University) की परीक्षा (Exam) में एक बार फिर नकल (Cheating in Exams) का बड़ा मामला सामने आया है. बीएससी और बीएड पाँचवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान मेहगांव के शासकीय महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर खुलेआम नकल चली. सूचना मिलने पर लीड कॉलेज के प्राचार्य एवं उड़नदस्ते के प्रभारी प्रोफेसर रामअवधेश शर्मा अपनी टीम के साथ अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे. उड़नदस्ता देखते ही परीक्षा केंद्र (Exam Center) में अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र नकल सामग्री छुपाते हुए पकड़े गए.
पहले देखिए वीडियो
परीक्षा कक्ष में गाइड, पर्चियां और मोबाइल का बोलबाला
उड़नदस्ते द्वारा कक्षों का निरीक्षण करते समय एक-एक कर बड़े खुलासे हुए. कई छात्र गाइड बुक से सीधे उत्तर नकल करते दिखे. कुछ छात्र अपनी मेज के नीचे मोबाइल फोन पकड़े प्रश्न हल करते दिखे. परीक्षा कक्षों में न केवल नकल सामग्री मिली बल्कि छात्र बिना किसी डर के खुलेआम नकल कर रहे थे. टीम के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर गेट चेकिंग बिल्कुल नहीं थी. बाहर से आए लोग कक्षों के अंदर घूमते नजर आए, जो परीक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है.
उड़नदस्ता देखते ही पर्चियां फेंककर भागे छात्र
जैसे ही उड़नदस्ता कक्षों के अंदर पहुंचा, कई छात्र नकल सामग्री इधर-उधर फेंकते हुए नजर आए. कुछ छात्र अपनी सीट छोड़कर भागने लगे, जबकि कई ऐसे छात्र भी सामने आए जिन्होंने मोबाइल फोन अपनी जेब में छुपा लिया. इसके बावजूद टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में नकल की पर्चियां और मोबाइल जब्त किए. निरीक्षण के दौरान कुछ छात्र उड़नदस्ता टीम के साथ अभद्रता पर उतर आए. विरोध करने वाले छात्रों ने टीम को कक्ष में आने से रोकने की कोशिश की. हालांकि स्टाफ और टीम के सदस्यों ने स्थिति को संभाला और कार्रवाई बिना रुकावट जारी रखी.
केंद्र स्टाफ की मिलीभगत , CCTV कैमरे बंद मिले
उड़नदस्ते की रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ नकल गतिविधियों में किसी न किसी रूप में संलिप्त पाया गया. रिपोर्ट में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, स्थायी केंद्र निरीक्षक, कक्ष निरीक्षक, अन्य सहायक स्टाफ की गतिविधि में संलिप्त होने का उल्लेख किया है. साथ ही परीक्षा केंद्र पर लगे CCTV कैमरे पूरी तरह बंद मिले. न प्रवेश द्वार पर चेकिंग मिल रही थी और न ही कोई निगरानी तंत्र सक्रिय था.
44 में से 29 छात्रों पर नकल के प्रकरण
उड़नदस्ता टीम ने कुल 44 परीक्षार्थियों की जांच की. इनमें से 29 छात्रों के खिलाफ नकल प्रकरण तैयार किए गए. अधिकांश छात्रों के पास गाइड बुक, पर्चियां और मोबाइल फोन मिले. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि नकल सामूहिक रूप से कराई जा रही थी, जो परीक्षा केंद्र की गंभीर लापरवाही दर्शाता है.
केंद्र निरस्त करने की अनुशंसा, रिपोर्ट कुलपति को भेजी गई
उड़नदस्ते ने पूरी घटना से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति को भेज दी है. साथ ही अनुशंसा की गई है कि इस परीक्षा केंद्र को तत्काल निरस्त किया जाए, भविष्य में परीक्षाएं शहर के शासकीय कॉलेज में कराई जाएं. रिपोर्ट की प्रतियां उच्च शिक्षा विभाग, आयुक्त, भिंड कलेक्टर, अतिरिक्त संचालक, परीक्षा नियंत्रक और विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजी गई हैं.
भिंड में बार-बार बढ़ रहे नकल मामलों पर उठे सवाल
भिंड जिला पिछले कुछ समय से लगातार नकल प्रकरणों को लेकर सुर्खियों में है. लगातार हो रही घटनाओं ने न केवल स्थानीय कॉलेजों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं. विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो जिले में शिक्षा का स्तर और गिर सकता है.
यह भी पढ़ें : भोपाल में कश्मीर का अनुभव; झीलों की नगरी को मिली "शिकारा" की सौगात; CM ने दिखाई हरी झंड़ी
यह भी पढ़ें : Ambikapur Amera Coal Mines: अमेरा कोल खदान को लेकर बवाल, अब बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात, जानिए पूरा मामला
यह भी पढ़ें : Putin India Visit: अनोखा स्वागत; MP के किसान ने अनाज से बनाई मोदी-पुतिन की फोटो
यह भी पढ़ें : GI Tag News: मध्यप्रदेश की 5 प्राचीन शिल्पकला को मिला जीआई टैग; जानिए किस विरासत को मिली पहचान