वैसे तो दुल्हन शादी के तत्काल बाद विदा होकर अपनी ससुराल पहुंचती है, लेकिन ग्वालियर के डबरा में कुछ अलग ही हुआ. यहां दुल्हन विदा से पहले हाथों में मेंहदी लगाए सीधे डबरा सिटी थाना पहुंच गई. दुल्हन लवली वाल्मीकि ने परिजनों के साथ पहुंचकर शिकायत की कि सामूहिक विवाह कराने वाली समिति ने जो सामान देने को कहा था, वह नहीं दिया. इसमें बाइक भी शामिल है. जब तक उसे बाइक नहीं मिलेगी, वह विदा होकर अपनी ससुराल नहीं जाएगी.
दरअसल, ईशानी शिक्षा एवं जनकल्याण समिति द्वारा डबरा में सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन कराया जा रहा था. संस्था ने सभी जोड़ों को मोटरसाइकिल सहित गृहस्थी का सभी सामान देने का वादा किया था. वहीं, संस्था द्वारा कन्या पक्ष और वर पक्ष से ₹10-10 हजार रुपये पंजीयन के नाम पर लिए गए.
विदाई की बारी पर टालमटोल करने लगी संस्था
लवली की शादी होने के बाद विदाई की बारी आई तो परिजनों ने संस्था से सामान मांगा तो टालमटोली करना शुरू हो गई. फिर वहां संस्था के लोग भी भाग निकले. दुल्हन के परिजनों ने जब संस्था के अध्यक्ष को फोन लगाया तो फोन नहीं लगा.
जब ठगा महसूस हुआ तो पहुंचे थाने
दुल्हन के परिजन अपने आप को ठगा महसूस करने लगे और तब जाकर दुल्हन खुद लाल जोड़े में विदाई से पहले सिटी थाना पहुंची और संस्था के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई करने की गुहार लगाई. इस दौरान मौजूद एसडीओपी सौरव कुमार ने संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया.
दुल्हन ने क्या बताया
दुल्हन लवली का कहना है कि रंग महल गार्डन से गोलू नरवरिया नाम के व्यक्ति द्वारा पंजीयन के नाम पर ₹10000 रुपये लिए गए और सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन से शादी कराने की बोला था और मोटरसाइकिल सहित गृहस्ती का सामान देने का वादा किया था, लेकिन विदा का टाइम आया तो वह भाग गया और फोन बंद कर दिया.
इस कारण अभी तक विदा भी नहीं हुई है, जिसकी शिकायत लेकर थाने आए हैं. हमारी मांग थी, हमसे जो बात बोली गई थी वह सामान मिल जाए.
पुलिस बोली- दोनों पक्षों में बन गई सहमति
थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि दुल्हन शिकायत लेकर पहुंची तो आयोजकों से भी बात की गई. उन्होंने बताया कि सामान समय पर नहीं आ पाया था. इसलिए वहां वितरित नहीं हो सका. अब दोनों में सहमति बन गई है. सामान आते ही उन्हें दे दिया जाएगा.