Bhopal Nagar Nigam: महंगाई की मार पर बाद में होगी बात! पहले रील-सेल्फी हो जाए... पार्षदों का चमका कैमरा

Bhopal Nagar Nigam Budget Meeting: भोपाल नगर निगम की बजट बैठक में बजट से ज़्यादा चर्चा रीलों की रही है. प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर टैक्स बढ़ गया और जनता सोचती रही कि शायद पार्षदों को बहुत पीड़ा हो रही है, पर असल में वो बस अपना ‘इंस्टा कैप्शन’ सेट कर रहे थे.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Nagar Nigam Bhopal Budget Meeting: बजट के दौरान हंगामा

Bhopal Municipal Corporation Budget Meeting: भोपाल नगर निगम (Bhopal Nagar Nigam) की बजट बैठक तो आखिरकार हो ही गई. इस मीटिंग का इंतजार तीन महीने से हो रहा था, हालांकि तीन महीने की देरी से ही सही कम से कम नगर निगम ने बजट पर चर्चा तो की. लेकिन इस बैठक से आम लोगों को महंगाई का करंट लगा. लोगों पर महंगाई की मार पड़ी तो शहर सरकार भी तिलमिला उठी. लेकिन आम जनता की कितनी चिंता थी, ये परिषद की बैठक में देखने को मिला, बेफिक्र पार्षद रील बनाने, सेल्फी लेने और फोन पर ठिठोली में व्यस्त नजर आए.

कैसे लगा झटका?

भोपाल मेयर मेयर मालती राय ने गंभीरता से बजट पेश किया. प्रॉपर्टी टैक्स 10% और वाटर टैक्स 15% बढ़ा दिया गया.  
जनता जनार्दन को तोहफा मिल गया. घर चलाने के साथ पानी पीने पर भी बजट बढ़ाने का शानदार गिफ्ट शहर सरकार ने सौंपा.

Advertisement

CSK vs DC: चेपॉक में चेन्नई vs दिल्ली की जंग! कौन किस पर भारी, पिच रिपोर्ट से Live मैच तक ऐसी है आंकड़ेबाजी

Advertisement

विरोध भी हुआ

इसका पार्षदों ने विरोध किया. जमकर हंगामा हुआ. कई पार्षद तो धरने पर बैठ गए. आप सोच रहे होंगे कि जनता की तकलीफ देखकर पार्षदों का दिल पसीज गया. लेकिन जरा रुकिए जनाब! ये आपकी मासूमियत है या पुरानी आदत, टीवी या सोशल मीडिया पोस्ट देखकर आप भावुक हो जाते है.

Advertisement
सच्चाई तो ये है कि जनता पर महंगाई का बोझ हो या खुद पर सोशल मीडिया का प्रेशर - नगर निगम के ये पार्षद विरोध भी करते हैं, लेकिन कैमरा देख कर!

PBKS vs RR: पंजाब vs राजस्थान की जंग, किसका पलड़ा भारी! पिच रिपोर्ट से Live मैच तक क्या कहते हैं आंकड़े

महापौर जैसे ही प्रॉपर्टी टैक्स और वाटर टैक्स की बढ़ोतरी का ऐलान करने लगीं, वैसे ही कुछ पार्षदों ने मोबाइल स्टैंड तान दिया. "बजट पेश हो या ब्रेकिंग न्यूज़ – हमारी रील तो बननी चाहिए!" धरना भी होता है, लेकिन जिस एंगल से रील अच्छी आए. बैठक के दौरान कोई पार्षद वीडियो कॉल पर बिज़ी है, कोई चैटिंग में व्यस्त. महिला पार्षद फिल्टर ऑन करके कैप्शन सोच रही हैं. पुरुष पार्षदों को तो शायद इसी वक्त सबसे ज़रूरी कॉल आ जाते हैं – शायद सामने पूछ रहे हों - "हां हां, बजट चल रहा है भाई… लेकिन तू देख न, मेरा एक्सप्रेशन कैसा लग रहा है कैमरे में?"

जनता का बजट हिला, लेकिन परिषद हॉल का मूड बिल्कुल मस्त दिखा. ये वो लोकतंत्र है जहां हंगामा भी स्क्रिप्टेड लगता है, और विरोध में भी “पोज़” ज़रूरी है.

अब जानिए किसने क्या कहा?

नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता ज़की का कहना है कि "बैठक में फोटो खींचना, रील बनाना नियमों के खिलाफ है." लेकिन शायद शाबिस्ता जी को कोई बताना भूल गया कि यहां नियम सिर्फ नारे लगाने के लिए होते हैं, पालन करने के लिए नहीं.

Chaitra Navratri 2025 Day 8: अष्टमी के दिन करें मां महागौरी की पूजा, मंत्र से भोग तक सब जानिए यहां

नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी कहते हैं कि "गलत गतिविधियां हैं, निंदा करता हूं, हिदायत दी जाएगी." मतलब जो कैमरे में दिख गया, उसी पर ऐक्शन होगा, बाकी तो बैकग्राउंड म्यूज़िक में दब गया.

नियमों की धारा 23 कहती है – बैठक में मोबाइल पर मनाही है. लेकिन पार्षदों की धारा कहती है – "अगर रील नहीं बनाई, तो जनसेवा अधूरी मानी जाएगी!"

बैठक अब "लोकतांत्रिक विमर्श" नहीं रही – अब यह कंटेंट क्रिएटर वर्कशॉप है. पार्षद अब बहस नहीं करते, शायद यही कहते हैं - “अब तू बोल, अब मैं बोलता हूँ – ये वीडियो दो पार्ट में डालेंगे.” जनता के टैक्स बढ़े या घटे, इस पर चर्चा बाद में होगी. पहले देखना है कि रील पर कितने लाइक आए.

यह भी पढ़ें : Poshan Abhiyaan: पोषण के लिए जन आंदोलन! MP में इस तारीख से शुरू हो रहा है अभियान, ये कार्यक्रम हाेंगे

यह भी पढ़ें : Bhopal Lucknow Vande Bharat: लखनऊ जाने वाले यात्री ध्यान दें! MP को मिली वंदे भारत, UP का सफर होगा आसान