Teacher Student Assault Video: मध्य प्रदेश के छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें परीक्षा केंद्र पर शिक्षक द्वारा छात्र के साथ मारपीट का आरोप है. हंगामे का माहौल ऐसा बना कि अंत में पीड़ित छात्र को ही माफीनामा देना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अव्यवस्था से बिगड़ा माहौल
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आज बीएड (B.Ed) प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली. परीक्षा केंद्र की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों पर कुप्रबंधन के आरोप लगे. छात्रों का कहना है कि अव्यवस्था के कारण न केवल मानसिक दबाव बढ़ा बल्कि परीक्षा का माहौल भी बिगड़ गया.
समय पर जगह नहीं मिली
परीक्षा का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तय था. नियमों के अनुसार छात्रों को पहले से अपनी सीटों पर बैठ जाना चाहिए था, लेकिन केंद्र पर ऐसी स्थिति बनी कि परीक्षा शुरू होने के बाद भी कई छात्र अपनी सीटें ढूंढते रहे. छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की सुस्ती से उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और वे अपना पेपर ठीक से शुरू नहीं कर पाए.
बहस से बढ़ा विवाद
जब छात्रों ने अव्यवस्था का विरोध किया तो परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रभारी ने अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई तक की नौबत आ गई. इस आरोप ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस पूरे प्रकरण के बाद छात्रों में गहरा आक्रोश है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अनुशासन और बेहतर व्यवस्था का दावा करता है, लेकिन परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में अधिकारी मदद करने की बजाय मारपीट पर उतर आते हैं. छात्रों ने जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है.
अधीक्षक और छात्र कल्याण अधिष्ठाता की जानकारी
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर में 13 जनवरी 2026 की प्रथम पाली के दौरान हुई मारपीट से जुड़ी घटना पर प्रथम पाली अधीक्षक डॉ. अशोक निगम और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. आर. एस. सिसोदिया ने तथ्यात्मक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि बी.एड. छात्र राहुल अहिरवार द्वारा इस संबंध में माफीनामा भी दिया गया है. यह जानकारी सामने आने के बाद मामले का प्रशासनिक पक्ष भी चर्चा में है.