Basant Panchami: बाबा महाकाल की नगरी में बंसत पंचमी; सांदीपनि आश्रम में स्लेट पूजन से विद्यारंभ

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर प्रसिद्ध सांदीपनि आश्रम में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे. यहां भगवान श्रीकृष्ण का केसर युक्त जल से अभिषेक कर पीले वस्त्र धारण कर केसरिया भात का भोग ओर सरसों के पीले फूल व गुलाल अर्पित किये जाएंगे.

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Basant Panchami 2026: बाबा महाकाल की नगरी में बंसत पंचमी; सांदीपनि आश्रम में स्लेट पूजन से विद्यारंभ

Basant Panchami 2026: मध्यप्रदेश के उज्जैन (Ujjain) में किसी भी पर्व की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) से होती हैं. यही वजह है कि शुक्रवार को बसंत पंचमी (Basant Panchami) मनाया जाएगा. साथ ही होली तक आरती में बाबा महाकाल को पीले वस्त्र, फूल और गुलाल अर्पित किए जाएंगे. मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को परंपरा अनुसार तड़के चार बजे भस्म आरती में बाबा महाकाल को बसंत के पीले फूल व गुलाल अर्पित कर केसर युक्त पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा. तत्पश्चात पीले वस्त्र धारण कराकर पीले पुष्पों से श्रृंगार कर सरसों के पीले फूल तथा गुलाल अर्पित की जाएगी.

ऐसी है परंपरा

मंदिर की परंपरा अनुसार होली तक नित्य आरती में भगवान को गुलाल अर्पित किया जाएगा. यानी रात को होने वाली शयन आरती सहित (पांचों आरती) में बसंत पंचमी पर्व का नजारा दिखाई देगा. वहीं होली का पर्व 3 मार्च को होगा.

सांदीपनि आश्रम में स्लेट का पूजन

बसंत पंचमी पर प्रसिद्ध सांदीपनि आश्रम में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे. यहां भगवान श्रीकृष्ण का केसर युक्त जल से अभिषेक कर पीले वस्त्र धारण कर केसरिया भात का भोग ओर सरसों के पीले फूल व गुलाल अर्पित किये जाएंगे. सर्वविदित है कि सांदीपनि आश्रम में भगवान श्री कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी. परंपरा अनुसार पढ़ाई शूरू करने वाले बच्चों का पाटी (स्लेट) पूजन कराकर विद्या आरंभ संस्कार संपन्न किया जाएगा.

इस साल कब से कब तक है पंचमी तिथि? Basant Panchami 2026 Date

दृक पंचांग के अनुसार, 22 जनवरी की देर रात 1 बजकर 46 मिनट पर पंचमी तिथि शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी. नक्षत्र पूर्व भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 33 बजे तक है, उसके बाद उत्तर भाद्रपद शुरू होगा. चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे. सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर मिनट पर होगा. पूरे दिन पंचक रहेगा.

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शुभ मुहूर्त Saraswati Puja Shubh Muhurat

राहुकाल सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक है. इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य न करें. अन्य अशुभ समय में यमगंड 3 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.

बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक माना गया है. यह समय स्वयं सिद्ध मुहूर्त है, जिसमें पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है.

शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक और विजय मुहूर्त 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 2 मिनट तक है.

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