उमरिया: घने जंगल, बारिश और 100 वर्ग किलोमीटर का विशाल दायरा... बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जब एक मादा बाघिन का रेडियो कॉलर खराब हुआ, तो वन विभाग ने उसे ढूंढने के लिए जान ला दी. 63 अधिकारियों-कर्मचारियों की मुस्तैद टीम और लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम नाम के 4 प्रशिक्षित हाथियों की मदद से चले इस मेगा ऑपरेशन के बाद बाघिन को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज कर उसका कॉलर हटा दिया गया है.
100 वर्ग किलोमीटर में चला सर्च अभियान
दरअसल, मादा बाघिन का रेडियो कॉलर पिछले कुछ दिनों से काम नहीं कर रहा था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक नहीं हो पा रही थी. इसके बाद वन विभाग ने करीब 100 वर्ग किलोमीटर के दायरे में व्यापक सर्च और मॉनिटरिंग अभियान चलाया. लगातार बारिश और विपरीत मौसम के बावजूद वन अमले ने ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की मदद से बाघिन को उसकी होम रेंज में ढूंढ निकाला.
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63 अफसरों और 4 हाथियों की रही खास भूमिका
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की अनुमति के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस ऑपरेशन में 63 अधिकारियों व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. वहीं, बाघिन को घेरने और लोकेशन ट्रेस करने में लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम नाम के हाथियों तथा उनके महावतों की बेहद खास भूमिका रही.
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जांच में स्वस्थ पाई गई बाघिन
चारों हाथियों की मदद से विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज किया. इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर रेडियो कॉलर हटाया गया, जिसमें बाघिन पूरी तरह स्वस्थ पाई गई. आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाघिन को पूरी तरह होश में लाकर वापस उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया.
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