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This Article is From Apr 04, 2025

MP में अनोखा मंदिर, कंकाल स्वरूप में विराजमान हैं मां, रूप बदलकर करती हैं चमत्कार

Chaitra Navratri 2025: पूूरे देश में चैत्र नवरात्रि की धूम मची हुई है. इस खास मौके पर मध्य प्रदेश के शिवपुर के ऐतिहासिक बलारी माता मंदिर में भव्य मेला का आयोजन किया जाता है. इस दौरान माता अपने तीन अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देती हैं.

MP में अनोखा मंदिर, कंकाल स्वरूप में विराजमान हैं मां, रूप बदलकर करती हैं चमत्कार
Balari Mata Mandir: कंकाल स्वरूप के होते हैं दिव्य दर्शन.

Balari Mata Mandir: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्थित बलारी माता मंदिर आस्था और रहस्यमय मान्यताओं का केंद्र है. इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यहां विराजित माता बलारी की प्रतिमा है, जो कंकाल स्वरूप में दिखाई देती है. यह रूप माता की जागृत शक्ति और उनके अद्भुत स्वरूप का प्रतीक माना जाता है. भक्तों का मानना है कि माता दिनभर में अपने तीन अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देती हैं. वह भक्तों को सुबह बाल रूप, दोपहर में युवा रूप और रात को वृद्ध रूप में दर्शन देती हैं.

भक्तों की हर मनोकामना होती है पूर्ण

मंदिर के मुख्य महंत प्रयाग भारती बताते हैं कि माता की कृपा से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है, जहां भक्त अपनी आस्था के साथ माता के अलौकिक दर्शन करने आते हैं.

चैत्र नवरात्रि में यहां लगता है भव्य मेला

महंत प्रयाग भारती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताया कि यह एक प्राचीन मंदिर है. इसकी कई मान्यताएं हैं. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है. सबसे अनोखी बात यह है कि माता यहां अलग-अलग रूप में दर्शन देती हैं. चैत्र नवरात्रि में यहां भव्य मेला लगता है. 

मंदिर में सेवादार गज्जू महराज ने कहा कि वो कई वर्षों से मंदिर में सेवादार के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां काफी दूर-दूर से भक्त आते हैं. यहां स्थित मंदिर काफी पुराना है.

आस्था का केंद्र बना बलारी माता मंदिर

जंगल के बीच में बना यह मंदिर लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है. मंदिर से जुड़ी एक लोककथा के अनुसार, लाखा बंजारा नामक व्यापारी को माता के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए थे. कथा के मुताबिक जब लाखा बंजारा अपनी बैलगाड़ी के साथ एक झरने के पास रुके, तो माता ने उसकी पुत्री के साथ खेलना शुरू किया. जब माता चलने लगीं, तो उन्होंने लाखा बंजारे से पीछे मुड़कर न देखने का आग्रह किया, लेकिन जैसे ही लाखा ने पीछे देखा, माता वहीं स्थायी रूप से प्रतिष्ठित हो गईं और तब से यह स्थान एक पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो गया.

क्यों प्रसिद्ध है बलारी माता का मंदिर?

यह मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र भी है.  चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन यहां विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से भक्तजन माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं. बलारी माता मंदिर अपनी अनोखी प्रतिमा और रहस्यमय कथा के कारण पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है. यहां आने वाले भक्त माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं.

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