बालाघाट के जिला पंचायत सीईओ और पंचायतकर्मियों के बीच काम को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई है. जहां वित्तीय वर्ष समाप्ति पर सीईओ टारगेट को पूरा करवाने प्रयासरत है, जिसके चलते काम का दबाव बढ़ने से पंचायतकर्मियों ने सीईओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. त्रिस्तरीय पंचायतीराज के तहत जनपद, पंचायतकर्मियों के साथ ही पंचायत से जुड़े इंजीनियरों ने संयुक्त मोर्चा के तहत एक मार्च से सामूहिक अवकाश आंदोलन के साथ ही 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है.
पंचायत सचिव संगठन जिलाध्यक्ष जितेन्द्र चित्रिव ने बताया कि सीईओ अभिषेक सराफ हमें अनावश्यक दबाव बनाकर कार्य करा रहे हैं. कर्मचारियों की वेतन कटौती की जा रही है, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण पर रोक के बावजूद उनका स्थानांतरण किया जा रहा है. वीसी (वीडियो कॉफेंसिंग) समय-बेसमय ली जा रही है, जिससे महिला कर्मचारियों को परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि जिला पंचायत सीईओ की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आ रहा है, यही कारण है कि पंचायत, जनपद और जिला पंचायत के कर्मियो का संयुक्त मोर्चा बनाकर, हम आंदोलन की राह में निकल गए है. एक मार्च से दो दिवसीय सामूहिक अवकाश के साथ ही दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सभी कर्मचारी रहेंगे.
हमें भी जवाब देना होता है
पंचायतकर्मियों के कार्यप्रणाली को लेकर लगाए जा रहे आरोपो पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है, ऐसे में हम पर भी टारगेट को पूरा करने का दबाव है, कार्यों को लेकर वह मीटिंग करते है और अमूमन मीटिंग कार्यालयीन समय पर ही ली जाती है. टारगेट का दबाव नहीं होता है तो हम भी कर्मियों की मीटिंग नहीं लेते है. शासन का काम है, हमें भी जवाब देना होता है.