Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के कलेक्टर साकेत मालवीय ने शुक्रवार सुबह 6 बजे करीला धाम पहुंचकर माता जानकी के दर्शन किए. दर्शन के पश्चात कलेक्टर ने एसडीएम इसरार खान सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रंगपंचमी पर लगने वाले ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेले की तैयारियों को लेकर बैठक की और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. इस दौरान कलेक्टर ने टॉर्च की रोशनी में संपूर्ण मेला क्षेत्र का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
7 मार्च से करीला धाम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक रंगपंचमी मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. सुबह-सुबह निरीक्षण कर कलेक्टर साकेत मालवीय ने यह संदेश दिया कि मेला आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष रंगपंचमी मेले के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के दर्शन के बाद लौटते समय सीढ़ियां टूट जाने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया था. इसी घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है और युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं.
30 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वीआईपी मूवमेंट से संबंधित सभी निर्माण कार्यों की पीडब्ल्यूडी एवं आरईएस विभाग द्वारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड एवं अन्य रेस्क्यू एजेंसियों द्वारा शीघ्र मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए. करीला धाम का रंगपंचमी मेला देश का एकमात्र ऐसा मेला है, जहां एक ही दिन में लगभग 30 लाख श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालु यहां मन्नत मांगते हैं और मन्नत पूरी होने पर पारंपरिक राई (बधाई) नृत्य कराते हैं.
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