नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि पर चित्रकूट में श्रद्धांजलि सभा, 'शाह-मोहन' समेत BJP नेताओं की मौजूदगी

Nanaji Deshmukh Death Anniversary Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर कहा है कि पंचायती राज को सशक्त कर गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नाना जी देशमुख जी के ग्राम स्वराज की अवधारणा आज भी प्रासंगिक है.चाहे आपातकाल का संघर्ष हो, जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभानी हो या भारतीय जनसंघ की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना हो, हमेशा राष्ट्रप्रथम के लिए समर्पित नाना जी देशमुख जी समस्त देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज हैं.

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Nanaji Deshmukh Death Anniversary: अमित शाह चित्रकूट के प्रवास पर आज

15th Death Anniversary Of Nanaji Deshmukh: चित्रकूट में भारत रत्न नानाजी देशमुख (Nanaji Deshmukh) की 15वीं पुण्यतिथि पर विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है. दीन दयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ परिसर में यह कार्यक्रम 25 से 27 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके समापन में अमित शाह (Amiy Shah) पहुंच रहे हैं. इस आयोजन में उनके साथ प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू भी शामिल होंगे. जहां वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण भी चित्रकूट में करेंगे. अमित शाह के स्वागत के लिए सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) समेत बीजेपी के सीनियर नेता मौजूद रहेंगे.

कैसा है प्लान?

गृह मंत्री अमित शाह दोपहर लगभग 2:55 बजे चित्रकूट पहुंचेंगे और श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के बाद लगभग 3:55 बजे रवाना होंगे. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव दोपहर 2 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी और दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे.

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कार्यक्रम को लेकर चित्रकूट को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है. आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में 500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है. जिला कलेक्टर डॉ सतीश कुमार और एसपी आशुतोष गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं.

अमित शाह का यह मध्य प्रदेश में दूसरा दौरा माना जा रहा है. जहां वह बीजेपी नेताओं के साथ कई अहम मुद्दो पर चर्चा भी कर सकते हैं.

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कौन थे नानाजी देशमुख?

नानाजी का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को कडोली में मराठी भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था. यह हिंगोली जिले का छोटा सा शहर है. अपनी शिक्षा के लिए पैसे जुटाने की खातिर उन्होंने सब्जी बेचने तक का काम किया. उन्‍होंने सीकर से हाई स्कूल किया. सीकर के रावराजा ने नानाजी को स्‍कॉ‍लरशिप दी। फिर उन्होंने बिड़ला कॉलेज में पढ़ाई की. उसी साल वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी शामिल हो गए. 1952 में जनसंघ की स्थापना होने पर उत्तर प्रदेश में उसका कार्य नानाजी को सौंपा गया. 1967 में वे जनसंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बनकर दिल्ली आ गए. दीनदयाल उपाध्याय की हत्या के बाद 1968 में उन्होंने दिल्ली में 'दीनदयाल शोध संस्थान' की स्थापना की.

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1978 में नानाजी ने सक्रिय राजनीति छोड़कर ‘दीनदयाल शोध संस्थान' के माध्यम से गोंडा, नागपुर, बीड़ और अहमदाबाद में ग्राम विकास के कार्य किए. 1991 में उन्होंने चित्रकूट में देश का पहला 'ग्रामोदय विश्वविद्यालय' स्थापित कर आसपास के 500 गांवों का जन भागीदारी द्वारा सर्वांगीण विकास किया.

इसी प्रकार मराठवाड़ा, बिहार आदि में भी कई गांवों का पुननिर्माण किया. 1999 में वे राज्यसभा में मनोनीत किए गए. नानाजी ने 27 फरवरी, 2010 को अपनी कर्मभूमि चित्रकूट में अंतिम सांस ली थी. 2019 नानाजी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

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