
मध्यप्रदेश की पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है. इस बार कटनी जिले में पुलिस पर एक महिला को बाल पकड़कर जमीन पर बुरी तरह घसीटने का वीडियो सामने आया है. हद तो ये है कि वीडियो वायरल होने पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये सब कायदे-कानून के तहत हुआ है. फिलहाल महिला ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर और एसपी से की है.
जमीन महिला की, जबर्दस्ती कंपनी की
दरअसल कटनी के स्लीमनाबाद में महिला की जमीन पर बिजली का टॉवर लग रहा था. ये टावर पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी लगा रही है. जिसका मुआवजा न मिलने पर महिला और उसके परिजन इसका विरोध कर रहे थे. पीड़ित महिला का कहना है कि कौड़िया गांव में उसकी निजी जमीन पर बिजली का टॉवर लगाया जा रहा है. लेकिन उन्हें जमीन का मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुआ है. महिला इससे पहले भी प्रशासन से मुआवजे के लिए गुहार लगा चुकी है. लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. महिला ने बताया कि बिजली कम्पनी ठेकेदार के लोग, राजस्व अधिकारी और पुलिस द्वारा उनके जमीन में जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई. विरोध करने पर पुलिस ने महिला व परिवार के साथ जमकर मारपीट की है. उनको बाल पकड़कर घसीटते हुए ले जाया गया और महिला के साथ 4 अन्य लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया.
कानून के मुताबिक कार्रवाई हुई: एएसपी
उधर एएसपी मनोज केड़िया के मुताबिक ये घटना पुरानी है. महिला की जमीन पर पॉवर ट्रांसमिशन द्वारा बिजली का टॉवर लगाना था. जिसको लेकर महिला उपद्रव मचा रही थी.
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मनोज केड़िया
जिस पर महिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ कर 151 के तहत प्रकरण बनाकर जेल भेजा था. महिला के साथ हुए मारपीट पर एएसपी ने कहा कि महिला के साथ कोई मारपीट नहीं हुई. सारी कार्यवाई विधि सम्मत हुई है.
महिला ने कोई अपराध नहीं किया: वकील
पीड़ित महिला के साथ आए अधिवक्ता बी एल यादव ने मामले पर कहा कि टॉवर कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नहीं दिया गया और टॉवर लाइन के ठेकेदार द्वारा जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई है. पीड़ित महिला का कोई अपराध नहीं होने के बावजूद भी इस तरह से कार्यवाई की गई है, जो कि गलत है. महिला की शिकायत पर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है. शिकायत में एसडीएम, तहसीलदार सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाई की मांग के लिए आवेदन दिया गया है.