प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को वायुसेना (Indian Air Force) के लड़ाकू विमान 'तेजस' (Fighter Jet Tejas) से उड़ान भरी. जिसके बाद उन्होंने कहा कि इस अनुभव से देश की स्वदेशी क्षमताओं पर उनका भरोसा बढ़ा है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "तेजस से सफलतापूर्वक उड़ान भरी." उन्होंने कहा, "यह अनुभव अविश्वसनीय था, जिससे हमारे देश की स्वदेशी क्षमताओं के प्रति मेरा विश्वास और भी बढ़ गया और हमारी राष्ट्रीय क्षमता के बारे में मुझमें नए सिरे से गर्व और आशावाद की भावना पैदा हुई."
उन्होंने यह भी लिखा, "मैं आज तेजस में उड़ान भरते हुए अत्यंत गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं. भारतीय वायुसेना, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ ही समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं."
HAL के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की समीक्षा करने पहुंचे पीएम
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को बेंगलुरु पहुंचे और रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम एचएएल का दौरा कर उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में चल रहे काम की समीक्षा की. प्रधानमंत्री रक्षा उत्पादों के स्वदेशी उत्पादन पर जोर दे रहे हैं और इस बात पर प्रकाश डाल रहे हैं कि कैसे उनकी सरकार ने भारत में उनके विनिर्माण और उनके निर्यात को बढ़ावा दिया है.
कई देशों ने तेजस को खरीदने में दिखाई रुचि
कई देशों ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को खरीदने में रुचि दिखाई है और अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) एयरोस्पेस ने प्रधानमंत्री की हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान एमके-टू-तेजस (MK2 Tejas) के लिए संयुक्त रूप से इंजन बनाने को लेकर एचएएल के साथ एक समझौता किया था. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस साल अप्रैल में कहा था कि 2022-2023 में भारत का रक्षा निर्यात 15,920 करोड़ रुपये के अब तक के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा था कि यह देश के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है.
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