ED अधिकारी बनकर रिटायर्ड कर्मचारी से लूट लिए ₹55 लाख, Cyber पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

Cyber Crime: बिलासपुर में साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जांच-पड़ताल में पता चला कि आरोपी खुद को ED का अफसर बताते थे, फिर पोर्नाेग्राफी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे.

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Cyber Crime: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) जिले में साइबर सेल (Cyber Police) पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस अधीक्षक (SP Bilaspur) के दिशा निर्देश पर साइबर थाना की टीम ने जिले में शासकीय रिटायर्ड कर्मचारी से लगभग 55 लाख रुपए की ठगी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रिटायर्ड कर्मचारी जयसिंह चंदेल ने जून 2024 में इस ठगी की शिकायत करते हुए मामला दर्ज करवाया था. उन्होंने साइबर थाने में 55 लाख की ठगी (Online Fraud) का मामला दर्ज कराया था. उनकी शिकायत के बाद जिले की सायबर पुलिस ने कार्यवाही शुरू कर जांच में जुटी हुई थी. जिस पर अब बड़ी सफलता मिली है. 

क्या था मामला?

सायबर ठगों ने खुद को ED का अधिकारी बता कर पीड़ित पर दबाव बनाया, फिर पॉर्न वीडियो अपलोड करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में खाता संलिप्त होने का हवाला देकर पीड़ित से लगभग 55 लाख रुपए की ठगी कर ली. प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी खुद को ED अधिकारी बता कर पीड़ितों पर दबाव बनाते थे, फिर मामले को बड़ा रूप देने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग या पोर्नोग्राफी जैसे मामले में संलिप्तता बता कर पीड़ित को अपने झांसे में लेकर बड़ी रकम वसूली करते थे.

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आरोपी फर्जी सिम कार्ड और लोगों के बंद पड़े बैंक खातों का उपयोग ठगी के लिए करते थे. आरोपी ठगी की घटना को अंजाम देने के बाद राशि को अमेरिकी मुद्रा (यूएस डॉलर) में बदल देते थे. 

पुलिस ने ऐसे किया काम

जांच के दौरान, बिलासपुर साइबर थाने की टीम ने संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से तकनीकी जानकारी जुटाई. इसके आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाकर, टीम ने हरियाणा और राजस्थान में सटीक लोकेशन पर छापेमारी की. इसके परिणामस्वरूप तीन आरोपियों, विजय (29),अमित (23) और निखिल (18) को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया. इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान ठगी के आरोपों को स्वीकार किया.

इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी. इस टीम ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर लगातार एक सप्ताह तक संदिग्धों का पीछा किया और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.

आरोपियों से पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल वे ठगी करने के लिए करते थे. इन्हें न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया और आगे पूछताछ करते हुए आरोपियों के संबंध में अन्य जानकारी जुटा रही है.

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