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This Article is From Aug 07, 2025

यहां नौकरी पर रखे जाते हैं चोर, सैलरी महीने की 25000; देशभर में देते 'सेवा'; पुलिस ने दबोचे 4 आरोपी

Mobile Robbers Gang on Monthly Salary: रायपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें चार आरोपियों को झारखंड और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है.

यहां नौकरी पर रखे जाते हैं चोर, सैलरी महीने की 25000; देशभर में देते 'सेवा'; पुलिस ने दबोचे 4 आरोपी

Raipur Mobile Robbers Gang: छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गैंग के सरगना समेत चार आरोपियों को झारखंड और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है. गैंग के चोर अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल की चोरी करते थे. यह शहरों के उन इलाकों को निशाना बनाते थे, जो भीड़भाड़ वाले हों या फिर ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चुराते थे. इसके अलावा यह गिरोह इलाकों में घूम-घूमकर चोरी करता और यूपीआई (UPI) के जरिए ऑनलाइन ठगी को भी अंजाम देते थे.

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गिरोह का चोरी करने का तरीका बेहद शातिर था. बाजारों में मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपी तुरंत फोन पे और अन्य UPI ऐप के माध्यम से खातों से पैसा ट्रांसफर कर देते थे.

कैसे हुआ खुलासा

रायपुर के तेलीबांधा थाने में गोविंद राम वाधवानी ने 22 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बाजार से उसका मोबाइल चोरी हो गया है. उसके बाद उसके एकाउंट से 1,85,000 निकाल लिए गए.

 25 हजार रुपये पर नौकरी पर रखते थे "चोर"

गिरोह का सरगना देवा महतो गरीब युवाओं को 25,000 रुपये प्रति माह की सैलरी पर मोबाइल चोरी की ट्रेनिंग देकर उन्हें देशभर में भेजता था. आरोपी रायपुर में किराए के मकान में रहकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में वारदात को अंजाम देते थे.

पुलिस बनी कांवड़िया, ऐसे पकड़े गए चोर

आरोपियों की तलाश में 10 सदस्यीय पुलिस टीम ने झारखंड और कोलकाता में डेरा डाला. श्रावण मास के चलते पुलिसकर्मी कांवड़ियों का वेश धारण कर आरोपियों को ट्रैक कर दबोचने में कामयाब हुए.

मोबाइल चोर गिरोह हाई टेक मॉड्यूल

मोबाइल चोर गिरोह के तीन ग्रुप थे, जो हाई टेक मॉड्यूल की तरह काम करते थे. इनमें चोरों का पहला ग्रुप (समूह) देशभर में बाजारों से मोबाइल चोरी करता था. फिर दूसरा समूह UPI से पैसे निकालकर कोलकाता भेजता था. तीसरा समूह पैसे को एटीएम से निकालकर झारखंड ट्रांसफर करता था और कमीशन काटकर बांटता था.

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

  • देवा उर्फ देव कुमार महतो (28)झारखंड के साहेबगंज का रहे वाला, जो गैंग का मास्टरमाइंड है.
  • कन्हैया कुमार मंडल (22), साहेबगंज
  • विष्णु कुमार मंडल (22), साहेबगंज
  • ओम प्रकाश ठाकुर (31), कोलकाता (ठगी की रकम निकालने वाला)

मोबाइल, कैश और QR कोड बरामद

गिरफ्तार आरोपियों से 3 मोबाइल, 2 सिम कार्ड और 40-50 QR कोड बरामद हुए, जिनसे करोड़ों रुपये के लेन-देन के सुराग मिले हैं. साथ ही देश के 12 राज्यों में इनके मूवमेंट के सबूत मिले हैं — बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य.

कई धाराओं में हुई कार्रवाई

गिरोह के खिलाफ गुढियारी और तेलीबांधा थानों में IPC की धारा 303(2), 134 BNS समेत संगठित अपराध की धाराएं दर्ज की गई हैं. इन चार के अलावा 6 अन्य आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं, और अन्य की तलाश जारी है.

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा, साइबर यूनिट प्रभारी परेश पांडे, उनि मुकेश सोरी समेत रायपुर पुलिस और एंटी क्राइम टीम के अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है.

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