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This Article is From Sep 15, 2025

Rationalization: ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों पर गिरी गाज, 4 निलंबित, कईयों के रोक गए 2 माह के वेतन

CG Government: एकल शिक्षक अथवा शिक्षक विहान स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर किया था, लेकिन कोरबा जिले में ज्वाइनिंग के लिए नहीं पहुंचे 4 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि कई शिक्षकों का 2 महीने का वेतन रोका लिया गया है.

Rationalization: ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों पर गिरी गाज, 4 निलंबित, कईयों के रोक गए 2 माह के वेतन
4 SUSPENDED AND MANY TEACHERS SALARY STOPPED FOR NOT JOINING SCHOOL AFTER RATIONALIZATION

Teachers Suspended: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला में युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के बाद ज्वाइन नहीं करने वाले 4 शिक्षकों पर बड़ी गाज गिरी है. 4 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई शिक्षकों का वेतन रोक लिया गया है. आवंटित स्कूलोें में ज्वाइन नहीं करने के लिए शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

एकल शिक्षक अथवा शिक्षक विहान स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर किया था, लेकिन कोरबा जिले में ज्वाइनिंग के लिए नहीं पहुंचे 4 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि कई शिक्षकों का 2 महीने का वेतन रोका लिया गया है.

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जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को जल्द आवंटित स्कूलों में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं

रिपोर्ट के मुताबिक युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों पर जिला एवं संभागीय स्तरीय समितियों में सुनवाई के बाद आवेदनों को मान्य करने के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं करने पर कार्यवाही की जा रही है. जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द आवंटित स्कूलों में उपस्थिति देकर बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दिए हैं. 

अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयो में पदस्थ किया गया था

दरअसल, कोरबा जिले के प्राथमिक शाला में एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या अतिशेष शिक्षकों की संख्या से ज्यादा होने के कारण जिला सारीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा दूरस्थ अंचल में स्थिति एवं लंबे समय से शिक्षको की कमी वाले एकल शिक्षकीय व शिक्षक विहीन विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना का निर्णय लिया गया.  उक्त निर्णय के आधार पर अतिशेष शिक्षको की ओपन काउंसलिंग आयोजित करके पदस्थापना आदेश जारी किया गया.

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दरअसल, जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने बताया कि शासन द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देश के तहत कोरबा जिले के प्राथमिक शाला के 292 सहायक शिक्षक, 15 प्रधान पाठक और माध्यमिक शाला के 153 शिक्षक व प्रधान पाठक अतिशेष के रूप में चिन्हांकित हुए थे.

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हाई कोर्ट ने शिक्षकों को जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष पेश होने निर्देश दिया

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि आदेश से असंतुष्ट शिक्षकों के द्वारा जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष पेश किए अभ्यावेदन समाधानकारक नहीं पाए जाने के कारण अमान्य कर दिया गया. हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे शिक्षकों को जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष पेश होने और एक हफ्ते में मामले के निराकरण करने का निर्देश दिया.

अभ्यावेदन के निराकरण के लिए संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति का गठन किया गया

हाई कोर्ट के आदेशानुसार जिला स्तर पर सुनवाई उपरांत 5 अभ्यावेदन मान्य पाए गए, शेष को समाधानकारक नहीं पाए जाने पर जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा पुनः अमान्य किया गया. जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि असंतुष्ट शिक्षकों के अभ्यावेदन का निराकरण करने के लिए संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति का गठन किया गया.

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जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा अभ्यावेदन के अमान्य करने के बाद असंतुष्ट शिक्षक संभाग स्तरीय समिति के समक्ष अभ्यावेदन पेश किया, जहां सुनवाई के बाद 2 अभ्यावेदन मान्य पाए गए, शेष अभ्यावेदन को समाधानकारक नहीं पाए जाने के चलते उन्हें अमान्य कर दिया गया.

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कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षको को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया

जिला स्तर पर युक्तियुक्तकरण के तहत पदांकन आदेश के तहत कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. असंतुष्ट शिक्षकों द्वारा पेश जवाब के समाधानकारक नहीं जाए जाने के कारण 4 सहायक शिक्षकों को निलंबित किया गया और कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले समस्त शिक्षकों के दो माह से वेतन रोका गया है.

अधिकांश दूरस्थ अंचल में प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों ने ग्रहण किया कार्यभार

गौरतलब है युक्तियुक्तकरण के बाद जिले के अधिकाश दूरस्थ अचल में स्थित प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों के द्वारा कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है, जिसके बाद नियमित रूप से अध्ययन व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया गया है. वर्तमान में जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. उन स्कूलों में जिला खनिज न्यास मद से मानदेय शिक्षा का व्यवस्था किया गया है.

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