सुशासन तिहार में BJP नेता से भिड़ने वाले जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ (CEO) रूपेश पांडे को सस्पेंड कर दिया गया है. कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और अशिष्ट व्यवहार के चलते संभागायुक्त दुर्ग ने यह कार्रवाई की है. दरअसल, 30 मई को जिला कलेक्टर ने रूपेश पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. फिलहाल महेंद्र कुमार जांगड़े को जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दुर्ग दौरे के बाद यह कार्रवाई की गई है. दरअसल, 31 मई को सुशासन कार्यक्रम में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सीएम साय से शिकायत की थी.
भाजपा मंडल महामंत्री से हुआ था विवाद
बता दें कि 29 मई को सुशासन तिहार में सीईओ रूपेश पांडे का भाजपा मंडल महामंत्री से जमकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते तीखी बहस होने लगी. इस दौरान जनपद सीईओ ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगली दिखाते हुए कहा था, 'तेरे को जो करना है कर ले'. इस दौरान विधायक ललित चंद्राकर भी मौजूद थे. वहीं इस मामले में जनपद सीईओ को नोटिस जारी किया गया था. हालांकि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर दुर्ग संभाग आयुक्त ने एक्शन लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की है.
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इस वजह से हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच के कार्यकाल में बन रहे सामुदायिक भवन को लेकर पहले स्टे लगाया गया था. बीजेपी नेता का आरोप था कि स्टे के बावजूद वर्तमान कार्यकाल में भवन के लिए राशि जारी कर दी गई. वहीं सीईओ रूपेश पांडे का कहना था कि संबंधित स्टे पहले ही हट चुका था, इसलिए राशि जारी करना नियमों के तहत सही है. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच बहस तेज हो गई.
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