छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दिनदहाड़े एक किराना व्यवसायी के कथित अपहरण का मामला सामने आया है. कार सवार लोगों ने पिस्टल के दम पर उसे उठा ले गए. अपहरणकर्ताओं ने खुद को पुलिस वाला बताया था. व्यवसायी गिरीश यादव की दिनदहाड़े किडनैपिंग से गांव में सनसनी फैल गई है.
परिजनों ने अज्ञातों के खिलाफ केस दर्ज कराया है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपा है, जिसमें किडनैपर दिखाई दे रहे हैं. फुटेज के आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है.
पुलिस ने आसपास के थानों में दी सूचना
जानकारी के अनुसार, उषाढ़ निवासी किराना व्यवसायी गिरीश यादव को कुछ अज्ञात लोग कार में सवार होकर अपने साथ ले गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपियों ने खुद पुलिसवाला बताया था और पिस्टल दिखाकर जबरदस्ती कार में बैठा लिया था. परिजनों ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने भी आसपास के थाना क्षेत्रों में अपहरण की सूचना दे दी है और सीसीटीवी फुटेज भी भेज दिया है.
पूर्व में भी सुर्खियों में रहा है नाम
गौरतलब है कि गिरीश यादव का नाम वर्ष 2022 में एक बड़े गांजा तस्करी प्रकरण में सामने आया था. 25 अप्रैल 2022 को पुलिस ने उड़ीसा से लाए जा रहे लगभग 22 क्विंटल 50 किलोग्राम गांजा जब्त किया था. पुलिस के अनुसार, उस समय गांजा तस्करों ने तस्करी का नया तरीका अपनाया था. 12 चक्का हाइवा वाहन में गांजे को नीचे छिपाकर उसके ऊपर गिट्टी भर दी गई थी, ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो. उड़ीसा से निकला यह वाहन महासमुंद और गरियाबंद होते हुए पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करियाआम जंगल के पास वाहन को रोककर तलाशी ली थी. जांच में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था. इस मामले में फिरोज खान निवासी उड़ीसा तथा गिरीश यादव निवासी उषाढ़ को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने बताया कि वर्तमान अपहरण की घटना को लेकर पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है. फिलहाल अपहरणकर्ताओं की पहचान और व्यवसायी के सुरक्षित पता लगाने के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है.