Community Tourism Model: बस्तर के होमस्टे ने बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान; UN बेस्ट टूरिज्म विलेज की ओर बढ़ते कदम

Bastar Tourism: छत्तीसगढ़ के बस्तर में यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज मॉडल को मजबूत करने धुड़मारास का विकास तेज, पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ह्यवैरिनेन ने दिए अहम सुझाव. बस्तर के धुड़मारास में सामुदायिक पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देने यूनाइटेड नेशन विशेषज्ञ किर्सी ह्यवैरिनेन का दौरा, यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज की दिशा में बड़ा कदम.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Community Tourism Model: बस्तर के होमस्टे ने बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान; UN बेस्ट टूरिज्म विलेज की ओर बढ़ते कदम

Bastar Tourism UN Best Tourism Village: छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar Tourism) अंचल में इन दिनों पर्यटन विकास की एक नई कहानी लिखी जा रही है. संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन (Kirsi Hyvaarinen Bastar Visit) के छह दिवसीय प्रवास ने स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहे सामुदायिक पर्यटन मॉडल (Community Tourism Model) को अंतरराष्ट्रीय मानकों से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है. उनका यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सतत एवं समुदाय आधारित पर्यटन को मजबूत करने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है.

Bastar Tourism: किर्सी ह्यवैरिनेन का स्वागत करते हुए

धुड़मारास में पारंपरिक स्वागत ने जीता मन

किर्सी ह्यवैरिनेन अपने दौरे के दूसरे दिन बस्तर जिले के ग्राम धुड़मारास पहुंचीं, जहां धुरवा डेरा होमस्टे में ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया. सिहाड़ी और महुआ की माला पहनाकर, धुरवा नृत्य और स्वागत गीतों की प्रस्तुति से अतिथि सत्कार की बस्तर की अनूठी परंपरा सामने आई. किर्सी इस आतिथ्य से अभिभूत हुईं और इसे अपने जीवन के “विशेष और अविस्मरणीय अनुभवों” में से एक बताया. यह स्वागत केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि बस्तर की सामाजिक एकजुटता का प्रमाण भी था.

स्थानीय जैविक व्यंजनों ने प्रभावित किया

अपने प्रवास के दौरान उन्होंने बस्तर के पारंपरिक भोजन का स्वाद लिया. कलम भाजी, सेमी और बोदई की सब्जी, केले की सब्जी, उड़द दाल, इमली की चटनी, कोसरा भात और मंडिया पेज जैसे जैव विविधता से भरपूर स्थानीय व्यंजनों ने उन्हें बस्तर की खाद्य संस्कृति से रूबरू कराया. आज वैश्विक पर्यटन में स्थानीय खान‑पान प्रमुख आकर्षण बन चुका है, और विशेषज्ञों के अनुसार बस्तर का जैविक भोजन विदेशी पर्यटकों के लिए एक मजबूत पहचान बन सकता है.

Advertisement

Bastar Tourism: धुरवा डेरा होमस्टे

यूएन ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम' पर केंद्रित दौरा UN Best Tourism Village

यह पूरा प्रवास विशेष रूप से यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम के मानकों के अनुरूप धुड़मारास और आसपास के क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित है. किर्सी ह्यवैरिनेन धुरवा डेरा होमस्टे में रहकर स्थानीय समुदाय, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और पर्यटन हितधारकों से निरंतर संवाद कर रही हैं. वे सेवा गुणवत्ता, स्वच्छता प्रबंधन, डिजिटल प्रमोशन, ब्रांडिंग और होमस्टे संचालन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों पर मार्गदर्शन दे रही हैं. यह भ्रमण जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संयुक्त समन्वय से आयोजित किया गया है.

Advertisement

चित्रकोट जलप्रपात और पर्यटन विस्तार की संभावनाओं का आकलन

किर्सी ने विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में नौका विहार कर वहां की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया. साथ ही मेंदरी घूमर क्षेत्र में स्थानीय हितग्राहियों के साथ पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर बातचीत की. चित्रकोट पहले से ही राष्ट्रीय पहचान रखता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ की मौजूदगी इसे वैश्विक प्रमोशन से जोड़ने का अवसर देती है.

Bastar Tourism: प्राकृतिक सुंदरता

बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की संभावनाएं

किर्सी ह्यवैरिनेन के छह दिवसीय दौरे का प्रभाव बहुआयामी माना जा रहा है. एक ओर यह बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में मदद कर सकता है, वहीं दूसरी ओर यह स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के स्थायी अवसर प्रदान करेगा. सामुदायिक पर्यटन मॉडल को संस्थागत समर्थन मिलने से यहां की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी.

Advertisement

Bastar Tourism: यूएन ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम' पर केंद्रित दौरा

बस्तर की बदलती छवि-नक्सल प्रभाव से पर्यटन मॉडल तक

कभी नक्सल प्रभाव से पहचाने जाने वाले बस्तर की छवि अब प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक समृद्धि के मॉडल के रूप में तेजी से उभर रही है. यदि धुड़मारास यूएन बेस्ट टूरिज्म विलेज के मानकों पर सफलतापूर्वक खरा उतरता है, तो यह मॉडल देश के अन्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन सकता है. किर्सी ह्यवैरिनेन का यह प्रवास छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो सकता है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक ले जाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा.

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Tourism: शिशुपाल पर्वत युवाओं का एडवेंचर हब; ट्रैकिंग से लेकर रोजगार के नए अवसर तक सब है यहां

यह भी पढ़ें : NHAI Projects in MP: ग्वालियर-भिंड-इटावा NH 719 फोर लेन प्रोजेक्ट DPR अंतिम चरण में; जल्द मिलेगी ये सुविधा

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Tourism: कोरिया में पर्यटन को सौगात, CM साय ने झुमका डैम में किया ओपन थिएटर का लोकार्पण

यह भी पढ़ें : Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ में 4 शावकों के साथ जंगल में दिखी बाघिन, सैलानियों ने कैद किए रोमांचक पल