Chhattisgarh News: गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नक्सलवाद के खात्मे को लेकर दिए गए अल्टीमेटम 31 मार्च 2026 की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन सिमटते नजर आ रहे हैं. लगातार पुलिस और सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ रणनीतिक मोर्चे पर बड़ी सफलताएं मिल रही हैं.
अबूझमाड़ से नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता
इसी कड़ी में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से नक्सल उन्मूलन अभियान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने घोर नक्सल प्रभावित जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का एक बड़ा डंप बरामद किया है.
भारी मात्रा में विस्फोटक और राशन बरामद
इस कार्रवाई में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, बड़े ड्रम, राशन और दैनिक उपयोग का सामान जब्त किया गया है. इसके साथ ही एक प्रेशर कुकर IED भी बरामद हुई, जिसे मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया.
31 जनवरी 2026 को चला जॉइंट सर्च ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ अंचल में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं. इसी क्रम में 31 जनवरी 2026 को 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के सेनानी संजय कुमार के मार्गदर्शन और उप सेनानी तेजवीर सिंह के नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस DRG और ITBP की संयुक्त टीम ने जॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाया.
घने जंगलों में छिपाया गया था नक्सलियों का डंप
यह सर्च ऑपरेशन ग्राम मडोड़ा से भोटोर के बीच घोर नक्सल प्रभावित और सघन जंगलों में किया गया. तलाशी के दौरान ग्राम भोटोर के समीप जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया विशाल डंप सुरक्षा बलों के हाथ लगा. यह सामग्री नक्सलियों द्वारा लंबे समय तक ऑपरेशन चलाने की तैयारी के लिए जमा की गई थी.
बड़े हमले की साजिश नाकाम
इसी दौरान जवानों को एक प्रेशर कुकर IED मिली, जो किसी बड़े हमले की साजिश की ओर इशारा कर रही थी. हालांकि ITBP की BDS टीम ने सतर्कता दिखाते हुए IED को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से ब्लास्ट कर नष्ट कर दिया.
सभी जवान सुरक्षित, ऑपरेशन जारी रहेगा
पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी भी सुरक्षा बल को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार की जनहानि हुई. बरामद सामग्री के साथ सभी जवान सुरक्षित रूप से अपने कैंप लौट आए. सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और नक्सलियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इस तरह के सघन सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे.