Amit Shah Chhattisgarh Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे (Amit Shah In Chhattisgarh) पर हैं. शाह शुक्रवार 4 अप्रैल की रात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. वहीं शनिवार 5 अप्रैल को अमित शाह बस्तर पंडुम (Bastar Pandum 2025) के समापन कार्यक्रम के लिये दंतेवाड़ा के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान देवी दंतेश्वरी के दर्शन करेंगे और नक्सल प्रभावित 9 जिलों के सरपंच व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. उनकी सुरक्षा में हाई स्कूल मैदान को 6 लेयर की सुरक्षा घेरा में तब्दील किया गया है. ड्रोन कैमरे भी सुरक्षा के लिये घूम रहे हैं. शाह बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के कमांडरों से बातचीत के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री शनिवार दोपहर 12.10 बजे दंतेवाड़ा पहुंचेंगे और मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे.
'बस्तर पंडुम' उत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे शाह
अमित शाह छत्तीसगढ़ सरकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम 'बस्तर पंडुम' उत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे. इसके बाद वे नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षा बलों के कमांडरों से बातचीत करेंगे. अमित शाह शाम को दिल्ली रवाना होने से पहले शाम 5.20 बजे नवा रायपुर के एक होटल में नक्सल विरोधी अभियानों और अन्य विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे.
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शाह के दौरे से पहले सुकमा में सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इलाके में सक्रिय चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सरेंडर करने वालों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. यह ऑपरेशन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 131 बटालियन और नक्सल विरोधी टीम के संयुक्त प्रयासों से सफल हुआ.
सुरक्षा बलों के मुताबिक, ये नक्सली लंबे समय से सुकमा और आसपास के क्षेत्रों में हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे नक्सलवाद के रास्ते से तंग आ चुके थे. उन्होंने हिंसा और जंगल में कठिन जीवन से परेशान होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. नक्सलियों ने यह भी कहा कि वे अब समाज का हिस्सा बनकर शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं.
नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान कर चुके हैं शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते 1 अप्रैल को कहा था कि नक्सल समस्या अब देश के 12 जिलों से घटकर सिर्फ छह जिलों तक रह गई है. मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति निर्मम दृष्टिकोण और सर्वव्यापी विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण कर रही है. उन्होंने नक्सलवाद को लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था.
उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार 'नक्सलमुक्त भारत' बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. नक्सलवाद लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है और मोदी सरकार इसे समाप्त करने के लिए संकल्पित है. यह हमारा संकल्प है कि 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा.
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