Tiger Killer: गरियाबंद (Griaband) दो बाघों की खाल के साथ पकड़े गए अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी मामले में जांच के दौरान बहुत ही हैरान करने वाला खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. दरअसल, इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी महाराष्ट्र पुलिस विभाग में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी हैं. इनमें बिजेश्वर गेडाम गढ़चिरौली जिले में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है, जबकि बाबूराव मड़ावी लोकल इंटेलिजेंस ब्रांच (LIB) में कार्यरत है.
इस मामले में आरोपी कोई आम पुलिस वाला नहीं है, बल्कि आरोपी और महाराष्ट्र 39 वर्षीय पुलिस के सिपाही बीएश्वर विष्णु गेडाम को 26 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नक्सलियों से लड़ते हुए अपने साथियों की जान बचाने के लिए सम्मानित किया था.
जांच के दौरान हुआ बड़ा खुलासा
दरअसल, जब एंटी-पोचिंग टीम ने पूछताछ के दौरान बिजेश्वर गेडाम के सरकारी पुलिस क्वार्टर की तलाशी ली, तो तलाशी के दौरान वहां से करीब 5 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क बरामद किए. इस बरामदगी के बाद जांच का दायरा केवल दो बाघों की खाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अनुसूची-1 के तहत दर्ज अन्य दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी की आशंका भी गहराने लगी है. वन विभाग की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर दोनों आरोपियों को दो बाघों की खाल और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद बाघों का शिकार इंद्रावती टाइगर रिजर्व–अबूझमाड़ क्षेत्र में किया गया था.
तस्करों का नेटवर्क तलाशने में जुटी जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और अन्य एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं. जांच का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि इस गिरोह के तार किन राज्यों तक फैले हैं और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. वन विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आ रहे हर तथ्य की गहन पड़ताल की जा रही है. इस कार्रवाई को मध्य भारत में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.
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बाघ तस्करी मामले में दोनों आरोपी महाराष्ट्र पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं, जिसके चलते मामला और भी गंभीर हो गया है. बहारहल पूरे मामले की जांच जारी है. ऐसे में दूसरे राज्यों में इनके तार खंगाले जा रहे हैं. इस मामले में और भी आरोपियों की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है.
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