छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता का एसपी ऑफिस में आत्मसमर्पण कराया है. साथ ही बताया जा रहा है कि नगरी एरिया कमेटी सदस्य और गोबरा एलओ एस कमांडर के रूप में महिला नक्सली सक्रिय रही. यह महिला नक्सली छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्य धारा में वापस लौटी है.
महिला की कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने की बात सामने आ रही है. पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि हाल ही में सिविक एक्शन और लगातार ऑपरेशन के दबाव के कारण यह परिणाम निकल कर सामने आया है, जिसमें 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ सोमारी (37) ने आत्मसमर्पण किया है.
बीजापुर की रहने वाली थी नक्सली महिला
महिला को आत्मसमर्पण करने पर शासन की नीति के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है. बता दें कि महिला नक्सली बीजापुर जिले के गंगालू थाना क्षेत्र के पूसनार की रहे वाली है. महिला के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं.
इन संगठनों में रही तैनाती
महिला पर सरकार ने 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में महिला नक्सली सक्रिय रही और प्रारंभिक प्रशिक्षण के पश्चात वह 2010 तक प्लाटून एक में रही, वर्ष 2010 में उड़ीसा राज्य कमेटी में स्थानांतरित होकर विभिन्न कमेटी में सक्रिय रहकर 2011 से 2019 तक सीसीएस संग्राम की गार्ड रही.
इसके बाद 2019 से 2023 तक सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम और सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत रही. वर्तमान में संगठनों में सदस्यों की संख्या कम होने के कारण वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी.
इन नक्सली घटनाओं में शामिल रही भूमिका
- वर्ष 2010 में उड़ीसा के पडकी पाली जिला महासमुंद में हुई मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए. इस दौरान एक ग्रामीण की मौत हो गई और एक नक्सली लापता हो गया.
- वर्ष 2014 मैनपुर में मोती पानी जंगल में हुई मुठभेड़ में महिला नक्सली शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
- वर्ष 2016 नुआपाडा जिले में उड़ीसा के कमलावाड़ी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ. इसी वर्ष नुआपाडा के पोतेलपड़ा जंगल में हुई एक अन्य मुठभेड़ में भी महिला नक्सली शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
- वर्ष 2018 में बीजापुर जिले के तिमेनार जंगल में घर लौटते समय हुई मुठभेड़ में महिला शामिल रही, जिसमें आठ नक्सली मारे गए थे.
- वर्ष 2023 में गरियाबंद की ताराझार जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ.
- वर्ष 2024 में धमतरी के एकवारी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
- वर्ष 2025 में धमतरी के मंदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें कोई नुकसान नहीं हुआ.
- 10 नवंबर 2025 को गरियाबंद जिले के सेमरा जंगल में हुई मुठभेड़ में शामिल रही, जिसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.