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Tansen 100 Years

'Tansen 100 Years' - 2 News Result(s)
  • Shubha Mudgal Exclusive: 'हर फिल्म में शास्त्रीय संगीत डालने की क्या जरुरत', Bollywood को लेकर ये कहा

    Shubha Mudgal Exclusive: 'हर फिल्म में शास्त्रीय संगीत डालने की क्या जरुरत', Bollywood को लेकर ये कहा

    Shubha Mudgal Exclusive With NDTV: सुभा मुद्गल ने बात करते हुए कहा कि हमारा शास्त्रीय संगीत विदेशों में भी काफी फेमस हो रहा है. मैं उन शख्सियत को यह श्रेय देना चाहूंगी, जिन्होंने शास्त्रीय संगीत का विदेशों में प्रचार किया और जिनके कारण आज भारत के बाहर के लोग कितने अच्छे तरीके से शास्त्रीय संगीत सीख रहे हैं.

  • Tansen Samaroh 2024: खास होगा 100वां तानसेन समारोह, 100 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियां

    Tansen Samaroh 2024: खास होगा 100वां तानसेन समारोह, 100 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियां

    Tansen Samaroh Gwalior: ग्वालियर की समृद्ध संगीत विरासत सदियों पुरानी हैं. "ग्वालियर घराने'' ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश को एक से एक नायाब नगीने दिए हैं. उर्दू इतिहासकार फरिस्ता द्वारा लिखित ग्रंथ "तारीख-ए-फरिस्ता'' के शुरूआती अध्याय में ही ग्वालियर की संगीत विरासत के बारे में बड़ा रंजक वर्णन मिलता है. ग्वालियर की संगीत परंपरा राजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में अपने चर्मोत्कर्ष पर पहुंची. पन्द्रहवीं शताब्दी में राजा मानसिंह के प्रोत्साहन से ग्वालियर संगीत कला का विख्यात केन्द्र बना. इस बार 'तानसेन संगीत समारोह'' का 100वां वर्ष है.

'Tansen 100 Years' - 2 News Result(s)
  • Shubha Mudgal Exclusive: 'हर फिल्म में शास्त्रीय संगीत डालने की क्या जरुरत', Bollywood को लेकर ये कहा

    Shubha Mudgal Exclusive: 'हर फिल्म में शास्त्रीय संगीत डालने की क्या जरुरत', Bollywood को लेकर ये कहा

    Shubha Mudgal Exclusive With NDTV: सुभा मुद्गल ने बात करते हुए कहा कि हमारा शास्त्रीय संगीत विदेशों में भी काफी फेमस हो रहा है. मैं उन शख्सियत को यह श्रेय देना चाहूंगी, जिन्होंने शास्त्रीय संगीत का विदेशों में प्रचार किया और जिनके कारण आज भारत के बाहर के लोग कितने अच्छे तरीके से शास्त्रीय संगीत सीख रहे हैं.

  • Tansen Samaroh 2024: खास होगा 100वां तानसेन समारोह, 100 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियां

    Tansen Samaroh 2024: खास होगा 100वां तानसेन समारोह, 100 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियां

    Tansen Samaroh Gwalior: ग्वालियर की समृद्ध संगीत विरासत सदियों पुरानी हैं. "ग्वालियर घराने'' ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश को एक से एक नायाब नगीने दिए हैं. उर्दू इतिहासकार फरिस्ता द्वारा लिखित ग्रंथ "तारीख-ए-फरिस्ता'' के शुरूआती अध्याय में ही ग्वालियर की संगीत विरासत के बारे में बड़ा रंजक वर्णन मिलता है. ग्वालियर की संगीत परंपरा राजा मानसिंह तोमर के राज्यकाल में अपने चर्मोत्कर्ष पर पहुंची. पन्द्रहवीं शताब्दी में राजा मानसिंह के प्रोत्साहन से ग्वालियर संगीत कला का विख्यात केन्द्र बना. इस बार 'तानसेन संगीत समारोह'' का 100वां वर्ष है.

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