Freedom Struggle
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देश की आजादी के 22 महीने बाद मिली थी भोपाल को स्वतंत्रता, यहां पढ़ें अनसुना किस्सा
- Thursday August 15, 2024
- Reported by: Tanushri Desai, Edited by: Tarunendra
Bhopal Azadi: भोपाल को आज़ादी प्राप्त करने के लिए 22 महीनों का इंतज़ार करना पड़ा, और राजधानी में पहला तिरंगा जुमेराती डाकघर पर फहराया गया था.भोपाल के शासक हमीदुल्लाह खान की पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिशों के खिलाफ विलीनीकरण आंदोलन चला, जिसके बाद ही भोपाल को स्वतंत्रता मिली.
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Independence Day 2024: जब अंग्रेजों ने नहर के पानी पर लगा दिया था टैक्स, तब छत्तीसगढ़ में आए थे बापू
- Tuesday August 13, 2024
- Reported by: ज़ुल्फ़िकार अली, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Mahatma Gandhi: राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का स्वतंत्रता आंदोलन के समय दो बार छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे. वे पहली बार 1920 में आए थे. इसके बाद 1933 में आए थे. गांधी जी ने यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की बैठक ली थी. आज उस जगह पर गांधीजी की प्रतिमा और गांधी हॉल का निर्माण किया गया है. 1920 में अंग्रेजों ने धमतरी के कंडेल नहर के पानी पर टैक्स लगा दिया था. यहां के लोगों ने अंग्रेजों के फैसले के खिलाफ आंदोलन शुरू किया और गांधी जी को आमंत्रित किया था. इसके बाद महात्मा गांधी इस आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे.
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देश की आजादी के 22 महीने बाद मिली थी भोपाल को स्वतंत्रता, यहां पढ़ें अनसुना किस्सा
- Thursday August 15, 2024
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Bhopal Azadi: भोपाल को आज़ादी प्राप्त करने के लिए 22 महीनों का इंतज़ार करना पड़ा, और राजधानी में पहला तिरंगा जुमेराती डाकघर पर फहराया गया था.भोपाल के शासक हमीदुल्लाह खान की पाकिस्तान में शामिल करने की कोशिशों के खिलाफ विलीनीकरण आंदोलन चला, जिसके बाद ही भोपाल को स्वतंत्रता मिली.
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Independence Day 2024: जब अंग्रेजों ने नहर के पानी पर लगा दिया था टैक्स, तब छत्तीसगढ़ में आए थे बापू
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Mahatma Gandhi: राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का स्वतंत्रता आंदोलन के समय दो बार छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे. वे पहली बार 1920 में आए थे. इसके बाद 1933 में आए थे. गांधी जी ने यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की बैठक ली थी. आज उस जगह पर गांधीजी की प्रतिमा और गांधी हॉल का निर्माण किया गया है. 1920 में अंग्रेजों ने धमतरी के कंडेल नहर के पानी पर टैक्स लगा दिया था. यहां के लोगों ने अंग्रेजों के फैसले के खिलाफ आंदोलन शुरू किया और गांधी जी को आमंत्रित किया था. इसके बाद महात्मा गांधी इस आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे.
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