दम तोड़ रहा है नक्सलवाद! 76 साल बाद पहुंची छत्तीसगढ़ के इस गांव में बिजली

प्रदेश सरकार की विकास, विश्वास और सुरक्षा के थीम पर कार्य करते हुए सुकमा के सीआरपीएफ डीआईजी अरविंद राय, कलेक्टर हरिस एस. और एसपी किरण चव्हाण के कड़े प्रयासों से अब एलमागुंडा गाँव में आज़ादी के बाद पहली बार गाँव में बिजली पहुँचाई गई है.

विज्ञापन
Read Time: 7 mins
फोटो - बिजली की उजाले में पढ़ाई करते बच्चे

छत्तीसगढ़ (Chhattishgarh) के दक्षिणी छोर पर स्थित सुकमा जिले (Sukama District) के एलमागुंडा गांव को 76वें स्वतंत्रता दिवस (76th Independence Day) के पहले बड़ी सौगात मिली है. नक्सलवाद से प्रभावित रहा एलमागुंडा गांव में स्वतंत्रता के बाद से पहली बार बिजली पहुंची है.

बता दें कि सुकमा जिले के निवासियों को विभिन्न प्राकृतिक विषमताओं का सामना करना पड़ता है. वहीं, नक्सल प्रभावित होने के चलते जिले में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे जिले के कई गांव आजादी के 76 साल बाद भी बिजली की आपूर्ति से वंचित थे.

नक्सलवाद खत्म करने के लिए शासन की जो नीति है विश्वास, विकास और सुरक्षा के अंतर्गत कैंम्पों को विकसित किया जा रहा है. इसी कड़ी में फरवरी 2023 में एलमागुंडा गाँव में हमारा कैंम्प लग गया था, जिसके बाद से गांव में विकास के रास्ते खुल गए है.

चवन किरन

आईपीएस

इससे पहले, एलमागुंडा गांव के लोग अंधेरे में जीवन बिताने को विवश थे. नक्सल प्रभावित इलाके में उन्हें तमाम तरह की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है, लेकिन अब गांव में बिजली की आपूर्ति ने उनके लिए तरक्की के रास्ते खोल दिए हैं. 

प्रदेश सरकार की विकास, विश्वास और सुरक्षा के थीम पर कार्य करते हुए सुकमा के सीआरपीएफ डीआईजी अरविंद राय, कलेक्टर हरिस एस. और एसपी किरण चव्हाण के कड़े प्रयासों से अब एलमागुंडा गांव में आज़ादी के बाद पहली बार गाँव में बिजली पहुंचाई गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक नक्सल प्रभावित एलमागुंडा गांव में जैसे ही बिजली सेवा पहुंची ग्रामवासियों के चेहरे खिल गए, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी के चेहरे पर चमक देखी जा रही थी. गौरतलब है कि एलमागुंडा गांव में इसी वर्ष फरवरी माह में सुरक्षाबलों का कैम्प स्थापित किया गया था. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: MP:नहीं रहे पूर्व गृह राज्यमंत्री रामदयाल अहिरवार, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

एलमागुंडा गांव में बिजली की आपू्र्ति से पूर्व ही गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का संयुक्त प्रयास जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा शुरु कर दिया गया था. अब गांव में बिजली पहुंचने के बाद ग्रामीणों का जीवन सरल हो जाएगा और देश के साथ कदमताल कर सकेंगे.

सुकमा के एलमागुंडा गाँव में बिजली आने के बाद प्रसन्न मुद्रा में ग्रामवासी

Topics mentioned in this article