South Africa vs Australia, 2nd Semi-Final: हारकर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं. लेकिन, जब बात क्रिकेट वर्ल्ड कप की आती है तो जीतकर हार जाने वाले को 'चोकर्स' कहते हैं. यहां बात हो रही है स्पोर्ट्स जगत की सबसे अनलकी टीमों में से एक दक्षिण अफ्रीकी (South Africa) टीम की, जो वर्ल्ड कप में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बावजूद अहम मौकों पर हार जाती है. ऐसा ही कुछ इस टीम के साथ ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे वनडे वर्ल्ड कप 2023 में देखा गया. एक बार फिर दक्षिण अफ्रीकी टीम 'चोकर्स' साबित हुई है. जिस मैच में उसकी जीत और फाइनल का टिकट पक्का माना जा रहा था, उसी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया के हाथों पिट गई है. विश्व कप के इतिहास में दक्षिण अफ्रीका पांचवीं बार सेमीफाइनल में हारा है. इसी कारण से इसे चोकर्स कहा जाता है. ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने दक्षिण अफ्रीका को 3 विकेट से हराते हुए 8वीं बार वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है. फाइनल मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार 19 नवंबर को खेला जाएगा.
आखिर क्यों दिया गया 'चोकर' का टैग
चोकर्स वाला टैग ‘चोक' शब्द से बना है. जिसका मतलब अहम मौकों पर अटक जाना या रुक जाना होता है. ICC टूर्नामेंट के बड़े मैच या नॉकआउट मैचों में बिखर जाने के कारण इस धुरंधर टीम को चोकर्स कहा जाने लगा. विश्वकप में कई बार खास मौकों पर अपने विरोधियों पर टूट पड़ने के बजाय यह टीम बिखर गई. चोकर्स वाले ठप्पे की शुरुआत तथाकथित दौर पर 1999 विश्व कप सेमीफाइनल में मिली हार के बाद से हुई. लेकिन इस ठप्पे के मिलने की शुरुआत साल 1992 और 1996 के वर्ल्ड कप में मिली हार के बाद हुई.
अफ्रीकी टीम को फैंस कर रहे ट्रोल
साउथ अफ्रीका के प्रदर्शन को देखते हुए सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अपनी रिएक्शन दे रहे हैं. साउथ अफ्रीका को आईसीसी के बड़े इवेंट्स के नॉक आउट मुकाबले में 'चोकर्स' का टैग दिया गया है. अफ्रीकी खिलाड़ी एक बार फिर से इसे सही साबित कर रहे हैं. दबाव की परिस्थितियों को एक बार फिर से दबाव झेलने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर साउथ अफ्रीका को चोकर्स का टैग देकर लगातार ट्रोल किया जा रहा है.
अफ्रीका की शुरुआत हुई खराब
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की शुरुआत बेहद खराब रही. दक्षिण अफ्रीका को पहले ही ओवर में कप्तान तेम्बा बावुमा के रूप में बड़ा झटका लगा. मिचेल स्टार्क ने बावुमा को विकेटकीपर जोश इंग्लिश के हाथों कैच आउट कराया. बावुमा इस बड़े मुकाबले में अपना खाता भी नहीं खोल सके.
24 रन पर ही गिरे 4 विकेट
दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के लिए इस वर्ल्ड कप में सबसे अधिक रन बनाने वाले क्विंटन डी कॉक (Quinton de Kock) भी आज के मैच में फ्लॉप साबित हुए. वह जोश हेजलवुड (Josh Hazlewood) की गेंद पर पैट कमिंस (Pat Cummins) के हाथों कैच आउट हो गए. उन्होंने 14 गेंद में सिर्फ तीन रन बनाए. वहीं एडेन मार्क्ररम (Aiden Markram) भी कुछ खास कमाल नहीं कर सके और 20 गेंदों में 10 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) ने उन्हें डेविड वॉर्नर (David Warner) के हाथों कैच आउट कराया. अफ्रीका की टीम ने 24 के स्कोर पर ही चार विकेट गंवा दिए थे.
मिलर और क्लासेन ने पारी को संभाला
महज 24 रनों पर अपने 4 विकेट गंवाने के बाद अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर और हेनरिच क्लासेन ने पारी को संभालने की कोशिश की. हालांकि, 119 के स्कोर पर दक्षिण अफ्रीका ने अपना पांचवा और छठा विकेट भी गवां दिया. शानदार बल्लेबाजी कर रहे क्लासेन 47 रन के निजी स्कोर पर ट्रेविस हेड को अपना विकेट दे बैठे. इसकी अगली ही गेंद पर मार्को यांनसन भी अपना विकेट गंवा बैठे, जिसके बाद मिलर ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. मिलर 116 गेंदों 101 रनों की शतकीय पारी खेली. मिलर और क्लासने के अलावा कोई भी अफ्रीकी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका और महज 212 रनों के स्कोर पर पूरी अफ्रीकी टीम ऑल आउट हो गई. वही अगर लाइव विन प्रोबेबिलिटी कि बात करें तो साउथ अफ्रीका के चान्सेस 48% से घटकर 16 % पर पहुंच गए हैं.
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