पन्ना जिला अस्पताल में शव वाहन के लिए मांगे गए पैसे, घंटों भटकते रहे मृतक के परिजन

मिली जानकारी के अनुसार गांव भपतपुर के रहने वाले मुकेश कुमार साहू छतरपुर जिले के पास बाइक अनियंत्रित होने की वजह से घायल हो गए थे, जिसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए थे.

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कई घंटों तक परिजन शव वाहन के लिए इधर-उधर भटकते रहे.

पन्ना: जिला अस्पताल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है, जहां एक शव ले जाने के लिए मृतक के परिजनों से 10 लीटर डीजल डलवाने के लिए पैसे की मांग की जा रही थी और कई घंटों तक परिजन शव वाहन के लिए इधर-उधर भटकते रहे.

मिली जानकारी के अनुसार गांव भपतपुर के रहने वाले मुकेश कुमार साहू छतरपुर जिले के पास बाइक अनियंत्रित होने की वजह से घायल हो गए थे, जिसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए थे. जहां आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजन शव को ले जाने के लिए घंटों इधर-उधर भटकते रहे. बड़ी मुश्किलों के बाद उन्हें शव वाहन मिला और शव ले जाने के लिए उनसे 10 लीटर डीजल के लिए पैसों की मांग की गई.

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परिजन ने बताया कि छत्तरपुर जिले के पास मुकेश कुमार का एक्सीडेंट हो गया था और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. हमें बॉडी घर लेकर जाना थी, हॉस्पिटल में सेन बाबू हमसे पैसे मांग रहे थे. 02 घंटे हो गए, हमसे 10 लीटर डीजल के पैसे मांग रहे थे, हम बहुत गरीब हैं.

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गरीब होने की वजह से उन्होंने डीजल डलवाने से मना किया तो शव वाहन चालक ने जाने से मना कर दिया. किसी तरह समाजसेवियों ने मृतक के परिजनों को पैसे दिए. जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन ने उनके पैसे वापस करवाए और शव वाहन के लिए डीजल की व्यवस्था करवाई और तब जाकर शव को ले जाया जा सका.

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सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा, "मीडिया द्वारा मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद पैसे वापस करवा दिए गए और शव वाहन उपलब्ध करा दिया गया. इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि आगे इस तरह की घटनाएं न हो"

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