MP Latest News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम (Ratlam) शहर गुरुवार शाम उस वक्त थम-सा गया, जब अशोकनगर निवासी 30 वर्षीय शाहरुख की मौत के बाद उसका जनाजा लेकर निकले परिजनों ने अचानक सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया. गुस्साए परिजनों का कहना था कि अस्पतालों की लापरवाही और नगर निगम की लचर व्यवस्था ने एक मासूम बाप से उसके बच्चों को छीन लिया. बता दें कि युवक की मौत कुत्ते के काटने के कारण हुई थी.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई की सुबह शाहरुख रोज की तरह सब्जी मंडी जाने निकला ही था कि साया चबूतरा क्षेत्र में आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया. कुत्ते ने घुटने के नीचे पैर का पूरा मांस नोच डाला. उसके पिता नासीर और साथी तुरंत जिला अस्पताल ले गए. वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन प्राथमिक इलाज और कुछ इंजेक्शन देने के बाद उसी शाम उसे घर भेज दिया गया.
बीच-बीच में इंजेक्शन लगते रहे, लेकिन हालत बिगड़ती गई. सोमवार को जब उसे फिर जिला अस्पताल ले जाया गया तो मनोचिकित्सक को दिखाने की बात कही गई. अगले दिन रैबीज के लक्षण साफ दिखने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. परेशान परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में अहमदाबाद पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए. लौटते वक्त बुधवार रात रास्ते में ही शाहरुख ने दम तोड़ दिया.
परिजनों ने किया चक्काजाम
गुरुवार शाम जनाजा निकला तो गुस्सा फूट पड़ा. मोहल्लेवाले और परिजन शव को बीच सड़क पर रखकर बैठ गए. उनका आरोप था कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो शाहरुख की जान बच सकती थी. भीड़ ने नगर निगम पर भी हमला बोला – “सड़कों पर कुत्तों का आतंक है, कोई रोकने वाला नहीं, आज बेटे की जान गई है.”
ये भी पढ़ें :- सरेआम रिश्वत ले रहा था वेयरहाउस प्रबंधक, लोकायुक्त पुलिस ने एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा
मौके पर एसडीएम मौजूद
हंगामे की खबर लगते ही एसडीएम आर्ची हरित, नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर और माणक चौक टीआई अनुराग यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. काफी समझाइश और कार्रवाई के भरोसे के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे चक्काजाम खत्म कराया गया.
ये भी पढ़ें :- नहीं थम रही रानी दुर्गावती फ्लाईओवर पर रीलबाजों की हरकतें, देर रात तक डांस और स्टंटबाजी से परेशान लोग