Sagar Bribe Case: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले की लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार देर रात जिले के जरूआ वेयरहाउस केसली में छापा मारते हुए सहायक प्रबंधक संतोष चौबे और उसके सहयोगी अजय सिंह घोषी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. यह रिश्वत किसानों की मूंग की ग्रेडिंग रिपोर्ट सही करने और वेयरहाउस में माल रखवाने के एवज में ली जा रही थी.
सरपंच की शिकायत पर एक्शन
ग्राम पंचायत पड़रई बुजुर्ग के सरपंच दिनेश सिंह ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. सरपंच ने बताया कि किसानों की लगभग 371 क्विंटल मूंग की तुलाई हो चुकी थी. जब इसे शिविका वेयरहाउस भेजा गया तो संचालक दिव्यांश तिवारी ने खराब ग्रेडिंग बताकर मूंग रखने से इनकार कर दिया. इसके बाद किसान सहायक प्रबंधक संतोष चौबे के पास पहुंचे.
किया था सौदा
जानकारी के अनुसार, चौबे ने अपने सहयोगी राजेश पांडे और संचालक दिव्यांश तिवारी के साथ मिलकर ग्रेडिंग रिपोर्ट सही करने और मूंग रखने के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी. शिकायत पर लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन ने सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान आरोपियों ने 1 लाख रुपए लेकर काम करने की बात मान ली.
रंगे हाथों दबोचे गए आरोपी
गुरुवार रात लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा ने टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए. योजनाबद्ध तरीके से जैसे ही चौबे ने 1 लाख रुपए लिए और अपने साथी अजय सिंह घोषी को थमा दिए, टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया. इस मामले में शिविका वेयरहाउस संचालक दिव्यांश तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है.
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पूरी टीम ने दी दबिश
कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन, निरीक्षक कमल सिंह उईके, निरीक्षक रंजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे. फिलहाल, तीनों आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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