Leopard Death Heatwave: भीषण गर्मी और सूखते जलस्रोत अब जंगल के जानवरों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं. विदिशा जिले के मोहम्मदगढ़ गांव में पानी की तलाश में पहुंचा एक मासूम तेंदुआ अपनी जान गंवा बैठा. गांव की पानी टंकी के पास उसका शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि भूख और प्यास के कारण तेंदुए की मौत हुई, जिसने इस पूरे मुद्दे को बेहद गंभीर बना दिया है.
ग्यारसपुर वन परिक्षेत्र के मोहम्मदगढ़ गांव में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने पानी की टंकी के पास एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला. ग्रामीणों ने इसे देख तुरंत वन विभाग को सूचना दी.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. आसपास के इलाके की जांच की गई और पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश शुरू की गई. ग्रामीणों में इस घटना को लेकर काफी दहशत का माहौल भी देखा गया.
डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
तेंदुए की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए चार डॉक्टरों की टीम बनाई गई. मौके पर ही उसका पोस्टमार्टम किया गया. सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया.
भूख और प्यास से मौत की आशंका
प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि तेंदुए की मौत भूख और प्यास के कारण हुई. भीषण गर्मी के चलते जंगलों में पानी के स्रोत सूख रहे हैं, जिसके कारण वन्य जीव पानी की तलाश में गांवों की ओर आने को मजबूर हैं. माना जा रहा है कि यह तेंदुआ भी पानी की तलाश में यहां तक पहुंच गया था.
वन विभाग का बयान
वन विभाग के एसडीओ हिमांशु त्यागी ने बताया कि शुरुआती जांच में भूख-प्यास से मौत की बात सामने आई है. हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है, ताकि किसी अन्य कारण की पुष्टि भी की जा सके. इस घटना के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल बन गया है.
वहीं, ग्रामीणों ने जंगलों में वन्य प्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि हर साल लाखों रुपये खर्च होने की बात कही जाती है, लेकिन जमीन पर उसकी झलक नजर नहीं आती. लगातार बढ़ रही गर्मी और सूखे जलस्रोत सिर्फ इंसानों ही नहीं, बल्कि वन्य जीवों के लिए भी संकट बनते जा रहे हैं.