MP Assembly: जल जीवन मिशन को लेकर विधानसभा में हंगामा, कांग्रेस ने किया सदन से वॉकआउट

MP Assembly Proceedings: मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जल जीवन मिशन योजना और नर्मदा नदी को साफ रखने को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान कांग्रेस ने जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया.

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फाइल फोटो

Madhya Pradesh Assembly Proceedings: मध्य प्रदेश विधानसभा (MP Assembly) की कार्यवाही के दौरान हंगामा जारी है. कांग्रेस (MP Congress) ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत हुए काम की जांच को लेकर जमकर हंगामा किया. बढ़ते हंगामे के बीच कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट (Walk Out from Assembly) कर दिया. वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंदर घोटाला हुआ है. कांग्रेस की मांग है कि भ्रष्टाचार में सरकार के कौन लोग लिप्त हैं, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है.

भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप

कांग्रेस ने जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. सत्ता और विपक्ष के सभी विधायकों ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना में घोटाले का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत मध्य प्रदेश की हर विधानसभा में 100-200 करोड़ की योजनाएं बनी. जिसमें खुलेआम भ्रष्टाचार हुआ है.

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वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत घरों में नल तो लगा, लेकिन नलों में पानी नहीं आ रहा है. सरकार ने कहा है कि हमने कनेक्शन दिए, लेकिन कनेक्शन देने से क्या होता है? नल में पानी आना चाहिए.

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नर्मदा नदी में गंदा पानी छोड़ने का उठा मुद्दा

वहीं नर्मदा नदी में गंदा पानी मिलने पर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया. इस दौरान विधायक लखन घनघोरिया ने नर्मदा नदी का जल अशुद्ध होने का आरोप लगाया. जिस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि ये कहना सही नहीं है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी मिल रहा है. ग्वारीघाट बस्ती से निकलने वाले गंदे पानी को नर्मदा नदी में जाने से रोकने की व्यवस्था की गई है. अन्य नलों का सर्वे भी करवाया जा रहा है.

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उन्होंने कहा कि हमारी नर्मदा मैया पर बहुत श्रद्धा है. हम नर्मदा मैया को मां मानते हैं. सीएम मोहन यादव का आज मेरे पास फोन आया कि ये केवल जबलपुर का ही नहीं, बल्कि श्रद्धा का सवाल है. नर्मदा नदी में गंदा पानी नहीं मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है. कैलाश विजयवर्गीय ने सदन को आश्वासन दिया कि ये तय किया जाएगा कि 2 वर्ष में नर्मदा नदी में प्रदेश के किसी भी हिस्से से गंदा पानी नहीं मिले.

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