उज्जैन नगर निगम का कारनामा: दूषित पानी की शिकायत की तो सुधार की बजाय नल कनेक्‍शन ही काट दिया

उज्जैन में दूषित पानी की शिकायत के बाद नगर निगम ने पाइपलाइन सुधारने के बजाय सार्वजनिक नल का कनेक्शन काट दिया. कई इलाकों में नालियों से गुजर रही जर्जर पाइपलाइन के कारण सीवेज मिला पानी घरों तक पहुंच रहा है. पार्षदों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है, जबकि निगम के दावे मौके पर खोखले नजर आए.

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मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर निगम का एक चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है. गुरुवार को गोंसा दरवाजा क्षेत्र में दूषित जल की सप्लाई की शिकायत करने पर जल संसाधन विभाग ने सार्वजनिक नल का कनेक्शन ही काट दिया. क्षेत्रीय पार्षद अंकित दुबे ने इसे लापरवाही बताते हुए लोगों के लिए तत्काल वैकल्पिक जल व्यवस्था की मांग की है.

इंदौर हादसे के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

इंदौर के भागीरथ पूरा में दूषित पानी से लोगों की मौत और दर्जनों के बीमार होने के बाद उज्जैन नगर निगम ने सभी पानी की टंकियों की सफाई और पुरानी पाइपलाइन बदलने का दावा किया था. 13 जनवरी से पीएचई द्वारा जल सुनवाई शुरू की गई, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं.

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इन क्षेत्रों में लगातार आ रहा गंदा पानी

महाश्वेता नगर, आदर्श नगर, कार्तिक चौक, सिंहपुरी, मगर मुंहा और गेबी हनुमान गली क्षेत्रों में लगातार गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं. गोंसा दरवाजा क्षेत्र में सार्वजनिक नल से कीड़े युक्त पानी आने पर पार्षद द्वारा शिकायत की गई थी, लेकिन पाइपलाइन सुधारने के बजाय कनेक्शन ही काट दिया गया.

नालियों में बिछी पाइपलाइन, सीवेज मिला पानी

NDTV की टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो अधिकांश पाइपलाइन नाले और नालियों में बिछी हुई मिलीं. कई जगह लीकेज साफ नजर आए, जिनसे सीवेज का पानी सीधे नलों के जरिए घरों में पहुंच रहा है. पार्षद अंकित दुबे ने बताया कि पुराने शहर के वार्ड 21 और 22 में करीब 50 साल पुरानी पाइपलाइन हैं, जो पूरी तरह सड़ चुकी हैं.

‘बिसलेरी जैसा पानी' बनाम हकीकत

बुधवार को जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश यादव ने दावा किया था कि घरों में बिसलेरी जैसा पानी सप्लाई हो रहा है. वहीं महापौर मुकेश टटवाल ने कीड़े युक्त पानी को पेड़ों की जड़ों की वजह बताया और कहा कि इसी कारण कनेक्शन काटा गया. उन्होंने क्षेत्र में बोरिंग से पानी सप्लाई की बात भी कही, जबकि मौके पर कोई बोरिंग नजर नहीं आई.

दावे बहुत, समाधान नदारद

नगर निगम का दावा है कि शहर की सभी पानी की टंकियों की सफाई करवाई गई है और जहां गंदा पानी आ रहा है वहां लाइन बदली जा रही है. जल सुनवाई में दो दर्जन शिकायतें आने की बात कही जा रही है. बावजूद इसके कई इलाकों में हालात जस-के-तस हैं, जिससे इंदौर जैसी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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