उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में भगवान के लिए अमेरिका-हांगकांग से भी आई राखियां, 51 फीट की राखी की अर्पित

रक्षाबंधन पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान गणेश को 51 फीट लंबी विशेष राखी, माता रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी और मूषक महाराज के लिए आसन भी अर्पित किया गया.

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रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध 'बड़ा गणेश' मंदिर में आस्था और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला. भगवान गणेश को अपना भाई मानने वाली देश-विदेश की हजारों बहनों ने मंदिर पहुंचकर भगवान को रक्षासूत्र अर्पित किया.

देश-विदेश से पहुंची राखियां 

विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के समीप स्थित करीब 15 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा के कारण यह मंदिर 'बड़ा गणेश' मंदिर के नाम से जाना जाता है. वर्षों पुरानी परंपरा के तहत यहां मुंबई, बेंगलुरु, राजस्थान, कोलकाता, भोपाल और इंदौर के अलावा अमेरिका-हांगकांग समेत अन्‍य देशों से भी महिला श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य और 'भाई' गणेशजी के लिए राखियां भेजी हैं. 

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भगवान गणेश को 51 फीट लंबी राखी अर्पित की 

इसी कड़ी में कई श्रद्धालु और भाई अपनी बहनों द्वारा भेजी गई राखियां लेकर मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से भगवान गणेश को रक्षासूत्र अर्पित कराए. इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान गणेश को 51 फीट लंबी विशेष राखी, माता रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी और मूषक महाराज के लिए आसन भी अर्पित किया गया. महिलाओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर अपने भाइयों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की.

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भगवान को राखी बांधने की परंपरा पुरानी 

मंदिर के पुजारी ने बताया कि बड़ा गणेश मंदिर में रक्षाबंधन पर भगवान को भाई मानकर राखी बांधने की परंपरा अति प्राचीन है. वहीं मंदिर पहुंचीं महिला श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वर्षों से भगवान गणेश को अपना बड़ा भाई मानती आ रही हैं और रक्षाबंधन पर सबसे पहली राखी अपने प्रथम पूज्य गणेश भाई को ही अर्पित करती हैं.

(शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट) 

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