Twisha Sharma Death: ट्विशा शर्मा मौत मामले में परिवार अब HC जाएगा, फरार पति भी जबलपुर उच्च न्यायालय का खटखटाया दरवाजा

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत के मामले में फरार पति समर्थ ने हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की है. वहीं ट्विशा के परिजन भी हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं. हालांकि इससे पहले इस मामले में पुलिस ने फरार समर्थ पर इनाम राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है.

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Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने रिटायर्ड जज व सास गिरीबाला और पति समर्थ सिंह पर आरोप लगाए थे. वहीं मौत के बाद से ही पति समर्थ सिंह फरार है. लेकिन इस बीच बड़ी जानकारी सामने आई है. ट्विशा शर्मा के फरार पति समर्थ सिंह ने जबलपुर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की है.

फरार पति पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित

इससे पहले एक मजिस्ट्रेट अदालत ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जबकि उनकी मां एवं सेवानिवृत्त जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी. पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. बता दें कि भोपाल पुलिस कमिश्नर ने ट्विशा शर्मा मौत केस में फरार आरोपी पत‍ि समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित क‍िया गया. इससे पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था. समर्थ पर दहेज, हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

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ट्विशा के परिवार भी करेगा हाई कोर्ट का रुख

इधर, ट्विशा के परिवार भी जबलपुर हाईकोर्ट का रुख करेगा. परिवार की ओर से आरोपी पक्ष से जुड़ी कई मांगों को लेकर याचिका दायर की जाएगी. वहीं परिवार हाईकोर्ट में समर्थ के अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करेगा. ट्विशा के परिजन के वकील अनुराग श्रीवास्तव  पांडे के मुताबिक, सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग हाईकोर्ट में की जाएगी. उनका कहना है कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी ठीक से जांच नहीं हुई है. परिवार का आरोप है कि जांच में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया. इसके अलावा दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकती है.

'MP के न्याय व्यवस्था और पुलिस पर भरोसा नहीं'

एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव ने कहा ट्विशा के परिजनों को मध्य प्रदेश के न्याय व्यवस्था और पुलिस पर भरोसा नहीं है. इतने दिनों तक ट्विशा का शव माइनस 4 डिग्री सेल्सियस पर रखा रहा... यह पहले AIIMS और पुलिस ने क्यों नहीं बताया. शव को प्रिजर्व करने के लिए माइनस 80 डिग्री की जरूरत है या नहीं इसको लेकर एक्सपर्ट ओपिनियन ले रहे हैं.

वकील ने क्या कहा?

उन्होंने बताया कि गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के मौत के बाद पुलिस को सूचना देने के बजाय 46 लोगों से बात की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की हाइट गलत लिखी है... इसके अलावा FIR में पुलिस ने लिखा है कि शव परिवार को सौंप दिया गया है. इतना ही नहीं पोस्टमार्टम के समय लीगेचर क्यों नहीं दिया गया. गिरिबाला सिंह ने CCTV के साथ छेड़छाड़ की है.

ट्विशा का आखिरी वीडियो जो वायरल किया गया गया, उसमें 10 तारीख लिखा हुआ है, जबकि मौत 12 मई को हुई है. पुलिस ने इसे टेक्निकल इश्यू बताया... लेकिन यह भी हो सकता है कि वो वीडियो दो दिन पुराना हो...

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