मध्य प्रदेश के गुना जिले में चंगाई और चमत्कारिक इलाज के नाम पर भील-आदिवासी समाज के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, म्याना थाना क्षेत्र स्थित मोहनपुर खुर्द गांव में पिछले कुछ समय से हर रविवार को प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हो रहे थे. आरोप है कि इन सभाओं में बीमारियों को प्रार्थना के माध्यम से ठीक करने का दावा किया जाता था और लोगों को आर्थिक सहायता तथा बेहतर जीवन का लालच दिया जाता था.
ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, आरोप है कि भोले-भाले आदिवासियों को बेहतर इलाज और आर्थिक मदद का लालच दिया जा रहा था. इसके अलावा पॉस्टरों ने ग्रामीणों को डराया-धमकाया, जहां उनसे कहा गया कि यदि वे ईसाई धर्म स्वीकार नहीं करेंगे तो उनकी बीमारियां ठीक नहीं होंगी और वे नरक की अग्नि में जलेंगे. साथ ही उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि धर्म परिवर्तन के बाद भी उनकी जाति और नाम में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेते रहेंगे.
ये हैं आरोपी
इस मामले में ग्राम करोद निवासी बृजेश बैरागी की शिकायत पर पुलिस ने मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत मुख्य आरोपी पास्टर उत्तम बारेला, पॉस्टर विकास बारेला समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में 300 से 400 लोगों की मौजूदगी थी.
पुलिस जांच में जुटी
गुना पुलिस अधीक्षक के अनुसार, म्याना थाने में अपराध क्रमांक 103/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है. पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
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