कुएं में गिरे बैल को निकालने उतरे, एक-एक कर काल के गाल में समा गए तीन लोग; हादसे से मैहर के गांव में पसरा मातम

कुआं गहरा और पुराना था. लंबे समय से जहरीली गैस जमा होने या ऑक्सीजन कम होने से दम घुटने की शुरुआती आशंका जताई जा रही है.

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इसी कुएं में गिरे बैल को बचाने उतरे थे लोग.
NDTV

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई. एक साथ तीन लोगों की जान जाने से पूरे गांव में मातम का माहौल है. यह हादसा तब हुआ कुएं में गिरे बैल को निकालने का प्रयास किया जा रहा था. तीनों युवक एक-एक कर कुएं में उतरे थे, लेकिन बारी-बारी से काल के गाल में समा गए. इनके अलावा एक अन्य युवक की हालत गंभीर है और उसे सतना रेफर किया गया है.

जानकारी के अनुसार, खरमसेड़ा गांव में शुक्रवार रात करीब आठ बजे रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था, जिसकी मौत हो गई थी. उसे निकालने के लिए मौके पर लोग पहुंच गए. फिर एक गांव का युवक कुएं उतरा और बैल के शव को रस्सी से बांधकर बाहर निकालने का प्रयास किया. बताया जा रहा है कि जैसे ही पहला युवक कुएं में नीचे पहुंचा वह अचानक अचेत होकर गिर पड़ा.

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जो बचाने उतरा, उसकी चली गई जान

उसे बचाने के लिए दूसरा युवक उतरा, लेकिन वह भी कुछ ही देर में बेहोश हो गया. इसके बाद तीसरा युवक भी नीचे गया और उसकी भी हालत वही हो गई. शुरुआत में ग्रामीणों को समझ ही नहीं आया कि आखिर कुएं के अंदर क्या हो रहा है. कुछ देर तक जब कोई भी युवक बाहर नहीं आया, तब लोगों को अनहोनी की आशंका हुई.

इनकी हुई मृत्यु

ग्रामीणों ने नीचे झांककर देखा तो तीनों युवक पानी में पड़े दिखाई दिए. उन्हें बचाने के लिए रामचंद्र यादव भी कुएं में उतरे, लेकिन उनकी भी तबीयत बिगड़ गई. बाद में ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला. घटना में कृष्ण कुमार यादव (24) पिता रामप्रसाद यादव, वीरेंद्र यादव (33) पिता स्वर्गीय जगदीश यादव और राहुल यादव (34) पिता मोतीलाल यादव की मौत हो गई. वहीं, रामचंद्र यादव गंभीर की तबीयत खराब है.

पीएम के बाद होगा घटना का खुलासा

घटना के बाद मौत के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कुएं में बिजली की तार दिखाई दी है, जिससे करंट उतरने की आशंका भी जताई जा रही है. उनका मानना है कि यदि कुएं के पानी में बिजली का प्रवाह था तो उसी की चपेट में आने से यह हादसा हो सकता है. दूसरी ओर प्रारंभिक आशंका यह भी है कि कुआं काफी गहरा होने और लंबे समय से उसके अंदर जहरीली गैस जमा होने के कारण युवकों का दम घुट गया.

विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने और गहरे कुओं में ऑक्सीजन की कमी तथा जहरीली गैसों की मौजूदगी कई बार जानलेवा साबित होती है. ऐसे मामलों में बिना सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरना बेहद खतरनाक होता है.

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मामले की जांच में जुटी पुलिस 

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की जा सकती. तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी. इसके साथ ही शनिवार को विशेषज्ञ टीम गांव पहुंचकर कुएं में जहरीली गैस की मौजूदगी और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी.

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