इंदौर में ‘₹100 करोड़’ की जमीन पर जंगल उगा रहा है ये कॉलेज, 30 एकड़ में 65 प्रजातियों के हैं हजारों पौधे

Madhya Pradesh News: मियावाकी पद्धति से 8,200 पौधे लगाने का पांच दिवसीय अभियान बुधवार को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा के बाद शुरू किया गया और पहले दिन करीब 2,000 लोगों ने इतने ही पौधे लगाए.

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इंदौर (मध्यप्रदेश):

Indore News: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Cleanest city Indore) के एक इंजीनियरिंग महाविद्यालय ने अपनी एक एकड़ जमीन पर जापान की मियावाकी पद्धति से नगर वन विकसित करने का बीड़ा उठाया है ताकि घनी बसाहट वाले इलाके में ‘‘ऑक्सीजन का जनरेटर'' लगाया जा सके. रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों ने बताया कि शहर के सबसे पॉश इलाकों में शामिल रेसकोर्स रोड स्थित इस एक एकड़ जमीन का मौजूदा बाजार मूल्य ‘‘100 करोड़ रुपये'' के आस-पास है.

65 प्रजातियों के 8 हजार से ज्यादा से पौधे लगा रहे हैं

श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (Shri G S Institute of Technology and Science) के निदेशक राकेश सक्सेना ने ‘‘पीटीआई-भाषा'' को बताया,‘‘हम कुल 30 एकड़ में फैले अपने परिसर की एक एकड़ जमीन पर मियावाकी पद्धति से नगर वन विकसित कर रहे हैं. हम इस जमीन पर करीब 65 प्रजातियों के कुल 8,200 पेड़ लगा रहे हैं. इनमें संकटग्रस्त प्रजातियों के पेड़ भी शामिल हैं जिनकी पौध मध्यप्रदेश के मंडला सहित अन्य क्षेत्रों के अलावा केरल से मंगाई गई है.''

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एसजीएसआईटीएस, सरकारी सहायता प्राप्त स्वायत्त संस्थान है. सक्सेना ने बताया कि इस नगर वन को 'ऑक्सीजन जनरेटर' नाम दिया गया है क्योंकि यह जंगल घनी बसाहट वाले इलाके में प्राणवायु के बड़े स्रोत के रूप में काम करेगा. उन्होंने बताया कि मियावाकी पद्धति से 8,200 पौधे लगाने का पांच दिवसीय अभियान बुधवार को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा के बाद शुरू किया गया और पहले दिन करीब 2,000 लोगों ने इतने ही पौधे लगाए.

ऐसे कर रहे हैं प्लांटेशन

एसजीएसआईटीएस के उद्यान विभाग के प्रभारी एलेक्स कुट्टी ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में विकसित किए जा रहे नगर वन में पौधारोपण से पहले करीब दो मीटर गहरी खुदाई की गई और इसके बाद पांच परतों में 'बायोमास', काली मिट्टी, केंचुआ खाद और गोबर खाद डाली गई. उन्होंने बताया,'इस नगर वन में मियावाकी पद्धति से 24 गुणा 27 इंच के हर हिस्से में अलग-अलग तरह के चार पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि कम जगह पर घना हरित आवरण विकसित किया जा सके.' कुट्टी ने बताया कि नगर वन विकसित करने के लिए एक निजी कम्पनी ने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत एसजीएसआईटीएस को करीब 17 लाख रुपये दिए हैं.

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