उमरिया जिला अस्पताल में नहीं है आंखों का डॉक्टर, ओपीडी रूम में भी लगा हुआ है ताला

उमरिया जिले में गरीब जनता का हाल ये है कि आंखों में जरा सी समस्या होने पर जांच के लिए 60 से 70 किमी दूर कटनी या शहडोल जाना पड़ता है. यहां करीब 6 साल पहले नियमित चिकित्सक की पदस्थापना थी. तब से लगातार आफ्थैल्मालजिस्ट पद खाली है. जिससे क्षेत्रवासियों का काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

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6 सालों से नहीं आंखों का डॉक्टर

Madhya Pradedh News: उमरिया (Umaria) के जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला दिख रहा है. करीब साढ़े छह लाख से अधिक की आबादी वाले, आदिवासी बाहुल्य इस जिले में आंखों की देखरेख के लिए एक विशेषज्ञ चिकित्सक (आफ्थैल्मालजिस्ट) ही नहीं है. बताया जा रहा है कि यहां जिला अस्पताल में करीब 6 साल से यह पद खाली चल रहा है. साथ ही यहां के ओपीडी रूम में भी ताला लटक रहा है.

आंखों में समस्या होने पर जाना पड़ता है पड़ोसी के जिला अस्पताल

उमरिया जिले में गरीब जनता का हाल ये है कि आंखों में जरा सी समस्या होने पर जांच के लिए 60 से 70 किमी दूर कटनी या शहडोल जाना पड़ता है. यहां करीब 6 साल पहले नियमित चिकित्सक की पदस्थापना थी. तब से लगातार आफ्थैल्मालजिस्ट पद खाली है. जिससे क्षेत्रवासियों का काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

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दूसरी मंजिल के ओपीडी रूम में लगा हुआ है ताला

वर्तमान में अस्पताल के दूसरी मंजिल पर स्थित ओपीडी रूम में ताला लगा हुआ है इतना ही नहीं  चिकित्सालय में रखी करोड़ों की मशीने जंग खा रही हैं. वहीं इस मामले में जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. केसी सोनी का कहना है हम विभाग को लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई हल नहीं निकल रहा है.

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