Cremation Ground crisis: अंतिम संस्कार में भी बाधा! श्मशान घाट नहीं होने के कारण दूसरे दिन हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार 

MP News: गांव में अब तक श्मशान घाट नहीं बनी है. अंतिम संस्कार करने में लोगों को बहुत परेशानी होती है, खासकर बारिश के दिनों में...

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खुले में दाह-संस्कार करने को मजबूर हैं ग्रामीण

No Cemetery in Ashoknagar: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर जिला मुख्यालय से महज 6 किमी दूर स्थित पीपलखेड़ा गांव (Peepalkheda Village) में अब तक श्मशान घाट (Cremation Ground) ही नहीं बनी है... इसकी वजह से दाह-संस्कार के लिए लोगों को बारिश के मौसम में बहुत परेशान होती है. हाल में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी, लेकिन उस समय बारिश होने के कारण उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था. इसकी वजह से शव का दूसरे दिन, यानी आज शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया.

बारिश के कारण थम गया था अंतिम संस्कार

शुक्रवार, 31 अगस्त की शाम को 62 वर्षीय बुजुर्ग मानसिंह अहिरवार का निधन हुआ था. इसके बाद उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग एकत्रित हुए और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए. इसी दौरान बारिश होने लगी. गांव में कोई स्थाई मुक्तिधाम या टीन शेड न होने के कारण कुछ देर तक लोग बारिश थमने का इंतजार करने लगे. लेकिन, इसी दौरान बारिश थमने तक काफी रात हो गई. जिसके बाद बुजुर्ग का दाह संस्कार नहीं हो सका.

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खुले में किया जाता है दाह-संस्कार

ग्रामीणों ने बताया कि बुजुर्ग का अंतिम संस्कार उनकी मौत के एक दिन बाद किया गया. लेकिन, उसके लिए भी पंचायत की कोई जगह नहीं है. ऐसे में निजी जमीन पर खुले में दाह संस्कार किया गया. ग्रामीणों ने बताया कि मुक्तिधाम की जमीन पर किसी दबंग का कब्जा है. वहां तक जाने के लिए रास्ता भी नहीं है. वहीं, सरपंच पर भी उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुक्तिधाम बनवाने के लिए उन्होंने कई बार बोला, लेकिन सरपंच ने कोई सुनवाई नहीं की.

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