नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता के खिलाफ मामले में हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला, कोर्ट ने जारी की कॉलेजों की सूची...

उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने बीते 22 फरवरी को आदेश जारी किया गया है. सतना में संचालित कई दर्जन कॉलेजों में कमियां बताई गई हैं.

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सतना में संचालित कई दर्जन कॉलेजों में कमियां बताई गई हैं.

Madhya Pradesh News: नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता के खिलाफ संचालन करने के मामले में हाईकोर्ट (High Court) ने अहम फैसला देते हुए प्रदेश के कॉलेजों पर शिकंजा कस दिया है. कोर्ट के द्वारा एक सूची जारी की गई है. इस सूची में उल्लेखित केवल उन्हीं कॉलेजों को नए शिक्षण सत्र में प्रवेश की अनुमति दी गई है, जिनको सीबीआई (CBI) जांच में क्लीन चिट मिली हैं.

छोटी-छोटी कमियों का रिमार्क भी लिखा गया

कोर्ट ने पूरी सूची को तीन पार्ट में तैयार किया है. पहली सूची उपयुक्त श्रेणी हैं. इस सूची में सतना के कुल चार कॉलेज हैं. हालांकि उनके साथ छोटी-छोटी कमियों का रिमार्क भी लिखा गया है. वहीं दूसरी श्रेणी है अपर्याप्त की.  जिसमें सतना का शासकीय जीएनएम कॉलेज और स्कॉलर होम नर्सिंग कॉलेज शामिल है. जबकि अनुपयुक्त की श्रेणी में किसी कॉलेज के नाम का उल्लेख नहीं है.

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उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने बीते 22 फरवरी को आदेश जारी किया गया है. सतना में संचालित कई दर्जन कॉलेजों में कमियां बताई गई हैं. सीबीआई (CBI) ने अपनी रिपोर्ट सद्गुरू स्कूल ऑफ नर्सिंग कॉलेज, निषाद कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड एलाइड साइसेंस, मनोज जैन मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड रिसर्च सेंटर, विंध्या कॉलेज आफ नर्सिंग, महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग में सुटेबिल विथ माइनर डिफीसियंसी की सूची में शामिल किया है.

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सरकारी कॉलेज भी मानकों पर खरा नहीं

सीबीआई की जांच रिपोर्ट के बाद कोर्ट के आदेश में सतना के सरकारी कॉलेज का नाम शामिल है. यह कॉलेज ही मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है. ऐसी स्थिति में किसे जिम्मेदार ठहराया जाए. क्या सरकार द्वारा जानबूझकर सुविधाएं अपर्याप्त कर रखी हैं? प्राइवेट कॉलेजों के संचालन में मनमानी होने की बात से जांच उठी और परत सरकार की भी खुल गई.

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