मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में पुलिस विवेचना पर कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने जांच में लापरवाही को गंभीर मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इनमें से 5 को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मामला 5 जून 2023 का है. कोलारस थाना पुलिस ने हाईवे स्थित एक होटल के पास से एक ट्रक जब्त किया था. ट्रक में ऊपर से दाल की बोरियां रखी थीं, लेकिन तलाशी लेने पर नीचे छिपाकर रखी गई 62 बोरियों में कुल 1209 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ था. इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत अपराध क्रमांक 173/2023 दर्ज किया गया था.
12 बैग गायब होने पर कोर्ट की सख्ती
विवेचना के दौरान सामने आया कि जब्त किए गए डोडा चूरा के सैंपलों में से 12 बैग गायब हैं. इस गंभीर लापरवाही पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई. कोर्ट ने 5 जून 2023 से 30 नवंबर 2023 तक कोलारस थाने में पदस्थ रहे थाना प्रभारियों और विवेचकों की सूची तैयार कर उनकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि संदिग्ध भूमिका वाले अधिकारियों को जांच पूरी होने तक थानों में पदस्थ न किया जाए.
किन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज?
हाई कोर्ट ने कुल 7 पुलिसकर्मियों (2 निरीक्षक और 5 उप निरीक्षक) पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. एसपी अमन सिंह राठौड़ ने कार्रवाई करते हुए 5 को लाइन अटैच कर दिया है. इनमें शामिल हैं.
- निरीक्षक जितेंद्र सिंह मावई (तत्कालीन टीआई कोलारस, वर्तमान टीआई देहात)
- उप निरीक्षक राघवेंद्र सिंह यादव (थाना प्रभारी गोवर्धन)
- उप निरीक्षक हरिशंकर शर्मा (जेएसआई, कोतवाली)
- उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय (वर्तमान में बालाघाट में पदस्थ)
- निरीक्षक मनीष शर्मा (वर्तमान में राजगढ़ में पदस्थ)
- मामले से जुड़े एसआई एस.एस. जादौन और एसआई चंद्रभान सिंह भदौरिया रिटायर हो चुके हैं.
7 दिन में जांच रिपोर्ट के आदेश
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. एसपी ने 7 दिन के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. इस कार्रवाई को हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.