सिर पर हिजाब, हाथ में भगवा ध्वज... 'जय श्री राम' के नारे के साथ मुंबई से पैदल अयोध्या जा रही शबनम

शबनम ने कहा कि उन्हें पैदल चलते हुए 17 दिन हो गए हैं. श्रद्धा के लिए मन में विचार आना जरूरी नहीं है. हम बचपन से भगवान राम को मानते हैं. हम जितना नबी का सम्मान करते हैं, उतनी ही रिस्पेक्ट राम जी की करते हैं.

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मुंबई से पैदल अयोध्या जा रही शबनम शेख

Sehore News: मात्र 21 साल की शबनम शेख (Shabnam Shaikh) के हौसले और धार्मिक आस्था को देखकर लोग हैरान हैं. वह मुंबई (Mumbai) से अयोध्या (Ayodhya) तक पैदल जा रही हैं. उनके और उनके साथियों के हाथों में भगवा ध्वज है जिस पर 'जय श्री राम' लिखा हुआ है. रास्ते में वह 'वंदे मातरम' और 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए एक दिन में 37 किलोमीटर का सफर पूरा करती हैं. 

मुंबई की रहने वाली 21 साल की शबनम शेख अभी फर्स्ट ईयर की छात्रा हैं. उनके दो साथी विनीत पांडे और रामराज शर्मा भी उनके साथ कदम से कदम मिलाते हुए मुंबई से अयोध्या जा रहे हैं. शनिवार को ये तीनों श्रद्धालु मध्य प्रदेश के सीहोर पहुंचे, जहां जगह-जगह पर लोगों ने उनका स्वागत किया.

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'मुझे दूसरे धर्म का भी सम्मान करना आता है'

मीडिया से चर्चा करते हुए शबनम ने कहा कि वह शुरू से ही हिंदू बहुल क्षेत्र में रही हैं और उन्हें अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे धर्म का सम्मान करना भी बहुत अच्छे से आता है. 'सोशल मीडिया पर लोग मेरे ऊपर तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं. मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.' उन्होंने कहा कि महिलाओं को टॉर्चर करने वालों को जेल में डाल देना चाहिए. ऐसे लोगों के सिर पर हनुमान जी का गदा मारना चाहिए. 

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'हम बचपन से भगवान राम को मानते हैं'

शबनम ने कहा कि उन्हें पैदल चलते हुए 17 दिन हो गए हैं. श्रद्धा के लिए मन में विचार आना जरूरी नहीं है. हम बचपन से भगवान राम को मानते हैं. हम जितना नबी का सम्मान करते हैं, उतनी ही रिस्पेक्ट राम जी की करते हैं. हम कड़ाके की ठंड में यात्रा कर रहे हैं. हमें बहुत जोश है. उन्होंने कहा, 'राम जी सभी के हैं. राम धुन सिर्फ शबनम शेख के अंदर ही नहीं आ रही है. मौलाना में भी आ रही है. मौलाना भी राम भक्ति में लीन हैं. यह नया भारत है.'

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